भोपाल में ईद-उल-फितर के मौके पर बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए मस्जिदों और ईदगाहों में पहुंचे। भीड़ अधिक होने के कारण कई जगह लोगों को सड़कों पर नमाज अदा करनी पड़ी। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए।

भोपाल। रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद आज शनिवार 21 मार्च को ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे प्रदेश में खुशी और भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी भोपाल में भी सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। चांद गुरुवार को नजर नहीं आने के बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने शनिवार, 21 मार्च को ईद मनाने की घोषणा की, जिसके बाद आज सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई और बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज पढ़ी और इसके बाद एक दूसरे को ईद की मुबारकवाद दी।

ईदगाह में अदा की गई पहली नमाज  
शहर के ईदगाह में सुबह करीब 7:30 बजे पहली नमाज अदा की गई। इसके बाद जामा मस्जिद भोपाल में 7:45 बजे, ताज-उल-मस्जिद में 8 बजे और मोती मस्जिद भोपाल में 8:15 बजे नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक रही कि कई स्थानों पर मस्जिदों के अंदर जगह कम पड़ गई और लोगों को सड़कों पर ही नमाज पढ़नी पड़ी। नमाज से पहले लोगों से फित्रा अदा करने की अपील भी की गई। 

सकलैनी मस्जिद में दो समय पर जमात  
मस्जिद कमेटी के अनुसार गेहूं के हिसाब से प्रति व्यक्ति करीब 70 रुपए फित्रा निर्धारित किया गया है, जबकि चांदी के मूल्य के आधार पर यह राशि अधिकतम लगभग 1650 रुपए तक हो सकती है। इसे गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के रूप में दिया जाता है, ताकि वे भी इस त्योहार को खुशी से मना सकें। अशोका गार्डन स्थित सकलैनी जामा मस्जिद में हर साल की तरह इस बार भी दो अलग-अलग समय पर जमात आयोजित की गई। 

कई मार्गों पर डायवर्ट किया गया यातायात
इस अवसर पर रमजान के आखिरी शुक्रवार, यानी अलविदा जुमा के महत्व को भी याद किया गया, जो लोगों को पूरे महीने की इबादत और नेक कार्यों को आगे भी जारी रखने की प्रेरणा देता है। कई लोगों ने नमाज के बाद जकात और सदका भी अदा किया, जिसे पुण्य का कार्य माना जाता है। भीड़ को ध्यान में रखते हुए शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस ने सुबह 6 बजे से 11 बजे तक कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किया है।