भोपाल। इस बार होने वाली जनगणना पहले के मुकाबले काफी अलग और आधुनिक तरीके से की जा रही है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को पहली बार डिजिटल माध्यम से खुद अपनी जानकारी भरने की सुविधा देने का निर्णय लिया है। 16 अप्रैल से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया में लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्व-गणना कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य जनगणना को सरल, तेज और अधिक सटीक बनाना है। हालांकि, नागरिकों द्वारा भरी गई जानकारी का सत्यापन प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें तीन साल की सजा का प्रावधान है।
16 अप्रैल से शुरू होगी ऑनलाइन स्व-गणना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नागरिक 16 अप्रैल से निर्धारित पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से सुरक्षित लॉगिन की सुविधा दी जाएगी। लोग अपने घर बैठे ही परिवार और सुविधाओं से जुड़ी सभी जानकारी भर पाएंगे। इससे समय की बचत होगी और बार-बार अधिकारियों के आने की जरूरत भी कम होगी। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी।
33 सवालों के आधार पर जुटाई जाएगी जानकारी
जनगणना के दौरान नागरिकों से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके आधार पर विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा। इन सवालों में आवास की स्थिति, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय, रसोई ईंधन, बिजली, मोबाइल, इंटरनेट और वाहन जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। सरकार का कहना है कि यह डेटा भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सभी जानकारी सही और पूरी तरह सत्यापित रूप में भरें।
ऑनलाइन डेटा के बाद घर-घर होगा सत्यापन
स्व-गणना के बाद भी प्रक्रिया यहीं समाप्त नहीं होगी। 30 अप्रैल तक जो जानकारी पोर्टल पर भरी जाएगी, उसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर उसका सत्यापन करेंगे। सबमिट करने के बाद नागरिकों को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी होगा। प्रगणक के आने पर यही आईडी दिखाकर जानकारी की पुष्टि करानी होगी, जिसके बाद डेटा को अंतिम रूप से फ्रीज किया जाएगा।
अत्यधिक व्यस्त रहने वालों को होगी आसानी
जनगणना से पहले शहर में मकानों पर लाल रंग से नंबर लिखकर पहचान का कार्य पूरा किया जा चुका है। इससे सर्वे टीम को घरों की पहचान में आसानी होगी। डिजिटल सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जो दिनभर काम में व्यस्त रहते हैं और घर पर उपलब्ध नहीं रहते। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे सही जानकारी दें, ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके और भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े मिल सकें।