इंदौर। जिला प्रशासन ने भीषण अग्निकांड के बाद बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। इस अग्निकांड में 3 बच्चों सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने फायर सेफ्टी नियमों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में तय किया गया शहर की सभी जी+3 (तीन मंजिल अधिक) ऊंचाई वाली इमारतों को 15 दिनों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन करना होगा। उनके निर्देश के बाद एसडीएम के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने सोमवार से क्षेत्रवार जांच शुरू कर दी है।
चालू होने चाहिए फायर सेफ्टी उपकरण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है सभी बहुमंजिला भवनों में फायर सेफ्टी से जुड़े उपकरण दुरुस्त होने चाहिए। इसके साथ ही इमरजेंसी एग्जिट स्पष्ट रूप से चिन्हित होनी जरूरी है। इन निर्देशों के पालन की निगरानी के लिए 23 मार्च से विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के नेतृत्व में टीमें विभिन्न क्षेत्रों में जाकर इमारतों का निरीक्षण करेंगी। इसके अलावा, अचानक जांच (रैंडम चेक) भी किए जाएंगे, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमों का पालन नहीं करने वाले भवन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अवैध निर्माण और बिना अनुमति किए गए बदलावों पर भी प्रशासन नजर रख रहा है। कई इमारतों में नियमों के विपरीत निर्माण और बदलाव पाए गए हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरा बन सकते हैं। अधिकारियों को ऐसे मामलों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी करने और जरूरत पड़ने पर अवैध हिस्सों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताः शिवम वर्मा
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि निरीक्षण करने वाली टीमों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे प्रभावी ढंग से जांच कर सकें। कुल मिलाकर, हालिया हादसे ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया है। अब यह देखना होगा कि निर्धारित समय सीमा में भवन मालिक फायर सेफ्टी मानकों का पालन करते हैं या नहीं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है।