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हरियाणा के यमुनानगर में नहर की सफाई के दौरान कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर आकर जांच की तो कपड़ों के आधार पर इसकी पहचान 11 महीने पहले लापता हुए व्यापारी के रूप में हुई। अब यह बड़ा सवाल है कि व्यापारी नहर तक कैसे पहुंचा। यह हत्या है या आत्महत्या। इन सब सवालों के जवाब पुलिस को तलाशने हैं।

नहर की सफाई में निकला कंकाल : यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर में मंगलवार को रेत के नीचे से एक कंकाल दबा मिला। प्राथमिक जांच में इसकी पहचान 11 महीने पहले लापता हुए गांव भूड़माजरा के कपड़ा व्यापारी अमित (36) के रूप में हुई है। परिजनों ने कपड़ों से शव की पहचान की है। हालांकि परिजनों ने डीएनए टेस्ट की मांग की है ताकि आशंका को पुख्ता किया जा सके। 

गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर व्यापारी के परिजनों को बुलाया

गांव बेगमपुर पावर हाउस के पास पश्चिमी यमुना नहर में सफाई अभियान चल रहा है। मंगलवार को सफाई के दौरान कर्मचारियों को शव बरामद हुआ। यह कंकाल में बदल चुका था। गुमशुदगी के आधार पर व्यापारी अमित के परिजनों से भी शिनाख्त करवाई गई। कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की गई। 

मई 2024 में दुकान बंद कर घर के लिए निकला था व्यापारी

जांच अधिकारी सुखविंद्र सिंह ने बताया कि गांव भूड़माजरा निवासी अमित की प्रताप नगर में कपड़े की दुकान थी। अमित विवाहित था और उसके दो बच्चे हैं। मई 2024 में एक दिन अमित दुकान बंद करके घर की ओर चला, लेकिन घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने उसके लापता होने की सूचना दी थी। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। परिजनों ने शव का डीएनए टेस्ट करवाने की मांग की है।

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