Haryana-Punjab water dispute : हरियाणा और पंजाब के बीच जल विवाद एक बार फिर गर्मा गया है। पंजाब सरकार की ओर भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले पानी में की गई कटौती के बाद दोनों राज्यों के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने चेतावनी दी है कि यदि हरियाणा को उसका हिस्सा का पानी नहीं मिला तो वे पंजाब से जाने वाले सभी रास्ते बंद कर देंगे। वहीं, कांग्रेस की राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने पंजाब सरकार के इस कदम को राजनीति से प्रेरित बताया और हरियाणा सरकार से इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने की अपील की है।​

यह कोई धमकी नहीं, बल्कि हमारी मजबूरी है

इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने कहा कि यदि हरियाणा को उसका हिस्सा का पानी नहीं मिला तो हम पंजाब से जाने वाले सभी रास्ते बंद कर देंगे। यह कोई धमकी नहीं, बल्कि हमारी मजबूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार इस मुद्दे पर प्रभावी कदम नहीं उठा रही है और पंजाब सरकार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। अभय चौटाला ने यह भी कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वे एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए केंद्र और पंजाब सरकार पर दबाव बनाएंगे। ​

किरण चौधरी ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना

राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने भिवानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "पंजाब सरकार का यह कदम राजनीति से प्रेरित है। हरियाणा के हिस्से का पानी रोकना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने हरियाणा सरकार से इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार को भी इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। किरण चौधरी ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार ने एसवाईएल नहर के निर्माण में बाधाएं डालकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है। ​

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा- पानी का मुद्दा केवल सिंचाई का नहीं 

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा पानी का मुद्दा केवल सिंचाई का नहीं, बल्कि पीने के पानी का है। पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के अधिकारी बीबीएमबी के फैसले को लागू करने में आनाकानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि पानी की आपूर्ति में कटौती जारी रही तो दिल्ली में भी पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है।​

विभिन्न जिलों में जल संकट गहराया

भाखड़ा नहर से पानी की आपूर्ति में कटौती के कारण हरियाणा के विभिन्न जिलों में जल संकट गहरा गया है। हिसार और सिरसा में टैंकर माफिया सक्रिय हो गए हैं, और पानी की कीमतें बढ़ गई हैं। फतेहाबाद में सिंचाई पर रोक लगा दी गई है, जबकि जींद में निर्माण कार्य और वाशिंग स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। झज्जर में नहाने पर रोक लगाने के साथ किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।​

पंजाब सरकार का पक्ष- हम मानवीय आधार पर 4000 क्यूसेक पानी दे रहे 

पंजाब सरकार ने अपनी ओर से बयान जारी करते हुए कहा कि हरियाणा ने 8500 क्यूसेक पानी मांगा है, जबकि पंजाब पहले ही मानवीय आधार पर 4000 क्यूसेक पानी दे रहा है। पंजाब सरकार का कहना है कि राज्य में पानी की कमी है और धान की बुआई के लिए भी पानी की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नहरों की कुल क्षमता 10,000 क्यूसेक है, और इससे अधिक पानी देना संभव नहीं है।​ 

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