यह खौफनाक वारदात 24 सितंबर 2021 की रात को हुई थी, शिकायतकर्ता बलजिंद्र सिंह अपने दोस्तों के साथ कार से लौट रहे थे। पाबनी रोड के पास हमलावरों ने रास्ता रोककर उन पर लाठी-डंडों और तलवारों से हमला कर दिया।

हरियाणा के यमुनानगर स्थित महलांवाली गांव में हुए चर्चित हत्याकांड में जिला अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए छह दोषियों को ताउम्र कैद की सजा दी है। इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून की नजर में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है।

अदालत का कड़ा रुख
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशविंद्र पाल सिंह की अदालत ने इस मामले की गहन सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने महलांवाली निवासी मनदीप, परमजीत, जगजीत, तजिंद्र, विशाल और विक्रम सिंह को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा के साथ-साथ कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, एक अन्य आरोपी दलजीत को पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण संदेह का लाभ देते हुए केस से बरी कर दिया गया।

सितंबर 2021 की वो खौफनाक रात
घटनाक्रम के अनुसार विवाद की जड़ें 24 सितंबर 2021 की उस रात से जुड़ी हैं, जब मलकीत सिंह और उसके दोस्त दमनजीत, गुरजीत और बलजिंद्र सिंह कार में सवार होकर वापस अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी पाबनी रोड के समीप पहुंची, पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उनका रास्ता रोक लिया। 

शिकायतकर्ता बलजिंद्र सिंह के मुताबिक आरोपियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में मुख्य आरोपी मनदीप उर्फ हैप्पी ने तलवार से मलकीत सिंह पर कई वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए।

अस्पताल में तोड़ा दम 
गंभीर रूप से घायल मलकीत को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पंचकूला के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। अस्पताल में कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद मलकीत ने दम तोड़ दिया।
शुरुआत में पुलिस ने मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया था, लेकिन मलकीत की मृत्यु के बाद मामले में धारा 302 (हत्या) को जोड़ा गया। जगाधरी थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और उनके खिलाफ पुख्ता चार्जशीट अदालत में पेश की। 

सरकारी वकील ने कहा- मलकीत की हत्या क्रूरता से की गई थी 
मुकदमे की पैरवी के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत में बेहद मजबूत पक्ष रखा। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि यह हमला सुनियोजित था और मलकीत की हत्या क्रूरता से की गई थी। हालांकि, आरोपी दलजीत के खिलाफ ठोस प्रमाण नहीं मिल सके, जिसके चलते उसे रिहा कर दिया गया।