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Delhi High Court: हरियाणा के अंतर्राष्ट्रीय पहलवानों को लेकर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई की जाएगी। यह सुनवाई भारतीय कुश्ती संघ एडहॉक कमेटी भंग करने को लेकर होगी। बता दें कि 2 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के समय केंद्र सरकार से कहा था है कि वह भारतीय कुश्ती संघ की एडहॉक कमेटी को भंग करने के बाद अपनी दलील पेश करें।
प्रशासक की नियुक्ति की आवश्यकता
वहीं, जस्टिस सचिन दत्ता ने इसे लेकर केंद्र सरकार से कहा कि वह एक हफ्ते में कोर्ट के अपने रुख के बारे में जानकारी दें, जिसकी अगली सुनवाई आज होगी। पहलवानों के याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील राहुल मेहरा ने कहा कि भारतीय कुश्ती संघ के कामकाज के लिए प्रशासक की नियुक्ति की आवश्यकता है।
कोर्ट ने मांगा था स्पष्टीकरण
दरअसल, खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ को भंग कर दिसंबर 2023 में एडहॉक कमेटी का निर्माण किया था। वहीं, मार्च में इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने तदर्थ समिति को भी भंग कर दिया गया। ऐसे में अब WFI बिना किसी प्रमुख अधिकारी के चलाई जा रही है। इसे लेकर कोर्ट ने कहा था कि खेल मंत्रालय के हलफनामा में भारतीय कुश्ती संघ के देखरेख को लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है।
इसलिए उन्हें इसे लेकर पहले अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए। भारतीय कुश्ती संघ को खिलाड़ियों के चयन और कुश्ती के आयोजन सहित दूसरे कामकाज करने होते हैं। ऐसे में सरकार का रुख इसके लिए स्पष्ट होना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक हफ्ते में हलफनामा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
याचिका में की गई ये मांग
7 मार्च को भारतीय कुश्ती संघ ने बताया था कि वह एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर्स और वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर्स के दूसरे सिलेक्शन के ट्रायल के लिए पहलवानों को बुलाने के लिए जो सर्कुलर जारी किया गया था, उसे वापस ले लेंगे। याचिका दर्ज करने के मामले में पहलवान बजरंग पूनिया के साथ साक्षी मलिक, सत्यव्रत कादियान और विनेश फोगाट शामिल हैं। इस याचिका में भारतीय कुश्ती संघ के देखरेख के लिए एडहॉक समिति के निर्माण करने या फिर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज को प्रशासक नियुक्त करने की मांग की गई।
