फतेहाबाद के रतिया में एक बड़े व्यावसायिक घोटाले का खुलासा हुआ है, जहां रतिया स्थित 'हरियाणा पेस्टीसाइड' के संचालक जसबीर सिंह के साथ 1.63 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रतिया पुलिस ने इस मामले में तेलंगाना की दिग्गज पेस्टीसाइड कंपनी 'नागार्जुन एनएसीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड' (NACL) के एमडी, डायरेक्टर समेत 12 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है।
जसबीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत
पीड़ित डीलर जसबीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 2008 से कंपनी के साथ जुड़ा था। शुरुआती समय में सब ठीक था, लेकिन 2019 के बाद कंपनी के अधिकारियों ने जाल बिछाना शुरू कर दिया।
आरोपियों की कार्यप्रणाली
- बिना ऑर्डर फर्जी बिलिंग: अधिकारियों ने अपने सेल्स टारगेट को पूरा करने के लिए डीलर की सहमति के बिना उसकी फर्म के नाम पर फर्जी बिल काटे।
- माल की हेराफेरी: डीलर के नाम पर काटे गए बिलों का माल उसे कभी नहीं मिला। यह माल कंपनी के अधिकारियों ने मिलीभगत कर दूसरे दुकानदारों को बेच दिया।
- फर्जी डिजिटल पहचान: आरोपियों ने डीलर की फर्जी ईमेल आईडी बनाई और उसके नाम से गलत बैलेंस कंफर्मेशन की ईमेल भेजी।
- जाली दस्तावेज: बिलों पर फर्जी मोहरों और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया।
सामने कैसे आया घोटाला?
मामले का खुलासा तब हुआ जब 31 दिसंबर 2023 को कंपनी ने जसबीर की फर्म को करीब 2.54 करोड़ रुपए का बकाया दिखाया। डीलर ने जब अपने रिकॉर्ड का मिलान किया, तो पाया कि कंपनी ने उसे क्रेडिट नोट (इन्सेंटिव) नहीं दिए और फर्जी बिलों के जरिए उसे करोड़ों का देनदार बना दिया।
जसबीर का दावा है कि उनकी फर्म पर कंपनी का कोई बकाया नहीं है, बल्कि उल्टा कंपनी की ओर उनके 1.63 करोड़ रुपए (इन्सेंटिव और क्रेडिट नोट सहित) बकाया निकलते हैं। हैरानी की बात यह है कि जब डीलर ने इस धोखाधड़ी का विरोध किया, तो कंपनी ने जून 2024 में डीलर के खिलाफ ही एक केस दर्ज करवा दिया।
इन पर दर्ज हुआ केस
पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है, उनमें प्रमुख रूप से:
- कंपनी प्रबंधन: एमडी पवन कुमार, डायरेक्टर व चेयरपर्सन लक्ष्मी राज।
- अन्य अधिकारी: वीएन राजू (NSM), कानन उपाध्याय (VP), रघुचिंद्र (AGM), सुशील शर्मा, डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. योगेश प्रताप सिंह, सुखविंद्र सिंह (डिपो इंचार्ज), मनोज कुमार (TM), किरन कैन्डे और कपिल बालयान (जोनल मैनेजर)।
रतिया सिटी थाना में हुआ मुकदमा दर्ज
फतेहाबाद पुलिस के अनुसार, एएसपी रतिया के कार्यालय में लंबी जांच-पड़ताल के बाद अब रतिया सिटी थाना में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि इन फर्जी बिलों और ईमेल के पीछे के मास्टरमाइंड्स का पर्दाफाश किया जा सके।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए haribhoomi.com के साथ।