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पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 15 और 16 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। विशेष रूप पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल और कैथल में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

हरियाणा में गर्मी की शुरुआती तपिश झेल रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने बड़ी राहत और चेतावनी दोनों साथ दी हैं। एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 15 और 16 मार्च को राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना है। जहां एक ओर इससे तापमान में गिरावट आएगी वहीं दूसरी ओर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

उत्तरी हरियाणा में यलो अलर्ट जारी 
मौसम विज्ञान विभाग ने विशेष रूप से हरियाणा के उत्तरी इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर और कैथल जैसे जिलों में मौसम का मिजाज अधिक बिगड़ सकता है। अनुमान है कि इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आसमान से ओले गिर सकते हैं। खराब मौसम का यह सिलसिला 17 मार्च तक जारी रहने के आसार हैं, जिससे तेज हवाओं का दौर बना रहेगा।

गर्मी से मिलेगी निजात, पारा लुढ़कने के संकेत 
पिछले कुछ दिनों से हरियाणा के लोग सामान्य से अधिक गर्मी का सामना कर रहे हैं। वर्तमान में राज्य का अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3.1 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। हालांकि, बादल छाने और हवाओं की दिशा बदलने से पारे में हल्की गिरावट की शुरुआत हो चुकी है।

मौसम विभाग की मानें तो आने वाले एक सप्ताह के भीतर अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी जा सकती है। शनिवार को भिवानी 32.9 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। अब बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से गर्मी का असर कम होगा और दिन के समय लोगों को राहत महसूस होगी।

रातें अब भी बनी हुई हैं गर्म
दिन के तापमान में गिरावट के बावजूद हरियाणा में रातें फिलहाल सामान्य से अधिक गर्म बनी हुई हैं। न्यूनतम तापमान की बात करें तो यह सामान्य औसत से 4.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान करनाल में 15.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अंबाला और चंडीगढ़ जैसे शहरों में यह 17 से 20 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों तक रात के तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं आएगी और यह सामान्य के आसपास ही बना रहेगा।

फसलों पर संकट
एक तरफ गर्मी से राहत की बात है, तो दूसरी तरफ खेतों में खड़ी रबी की फसलों और सब्जियों के लिए यह मौसम आफत बन सकता है। तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण गेहूं और सरसों जैसी फसलों को नुकसान पहुंचने का डर है। सिरसा और डबवाली जैसे क्षेत्रों में शनिवार सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। 
वहीं मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे आने वाले दो-तीन दिनों तक सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें। साथ ही, आम जनता को भी तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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