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Mahendragarh: कनीना स्कूल बस हादसे के बाद सरकार ने गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके बाद भी नांगल चौधरी में स्कूलों के अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग पाया। बीईओ ने बुधवार को निजी स्कूल में छापेमारी की। इस दौरान एक निजी स्कूल में दसवीं तक कक्षाएं मिली, जिसके पास कोई मान्यता नहीं है। दस्तावेज मांगने पर संचालक ने विभिन्न तर्क देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने से इनकार कर दिया। शिक्षा अधिकारी ने विभाग को पत्र लिखकर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
निजी स्कूल के पास नहीं मिली कोई मान्यता
आपको बता दें कि कनीना में उन्हाणी बस हादसे के बाद सरकार ने सभी स्कूलों की मान्यता व बसों के मापदंड चेक करने के निर्देश दिए है। इसी कड़ी में खंड शिक्षा अधिकारी सुनीता यादव ने करीब 11 बजे निजी स्कूल में दाबिश दी। इस दौरान विभिन्न कमरों में पहली से दसवीं तक कक्षाएं मिली, सभी में शिक्षक भी उपस्थित मिले। बीईओ ने स्कूल इंचार्ज से मान्यता संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद छापेमार टीम प्रत्येक कमरे में जाकर बच्चों से उनकी क्लास और स्कूल का नाम पूछा। टीम के मुताबिक स्कूल में बच्चों के पास बैठने के लिए बेंच तक उपलब्ध नहीं। कई कमरों में एक साथ दो कक्षाएं लगती मिली। कमरों की दीवारों पर प्लास्टर व गर्मी से बचाव के प्रबंध भी नहीं थे। छापेमार टीम ने स्कूल की वीडियोग्राफी के साथ उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया।
क्या कहते है स्कूल संचालक
स्कूल संचालक ने बताया कि खंड शिक्षा कार्यालय में मान्यता के लिए आवेदन किया था, लेकिन अधिकारी ने भवन मापदंडों का तर्क देकर खारिज कर दिया। अब नॉर्मस के अनुसार भवनों का निर्माण 15-20 दिन में कंप्लीट हो जाएगा। इसके बाद मान्यता संबंधी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्राइमरी तक कक्षाएं लगाने की अनुमित बीईओ ने लिखित में दे रखी है। दसवीं कक्षा का एक ही छात्र था, जो आज ही स्कूल में आया था।
डीइओ को भेजेंगे रिपोर्ट, उनके आदेशानुसार करेंगे कार्रवाई
बीईओ सुनीता यादव ने बताया कि आईपीएस स्कूल को चेक करने के लिए टीम पहले भी गई थी, लेकिन उस दौरान स्कूल पर ताला लटका मिला था। बुधवार की सुबह दुबारा दबिश दी, तब स्कूल में 10वीं तक कक्षाएं लगी हुई पाई है। संचालक के पास कोई मान्यता या स्कूल के मापदंड पूरे नहीं थे। डीईओ को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई का मार्ग दर्शन मांगा जाएगा।
