हरियाणा के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में बीटेक छात्र ने हॉस्टल के कमरे में कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार देर रात हुई इस घटना के बाद पूरे कैंपस में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
हॉस्टल नंबर-8 के कमरे में मिली लाश
मृतक छात्र की पहचान 23 वर्षीय पवन कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के नूंह जिले का निवासी था। पवन एनआईटी कुरुक्षेत्र में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर (तीसरे वर्ष) का छात्र था। वह हॉस्टल नंबर-8 के ब्लॉक-सी स्थित कमरा नंबर 452 में अकेले रहता था। मंगलवार रात जब काफी देर तक उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो उसके साथी उसे बुलाने पहुंचे। खिड़की से झांकने पर पवन का शव पंखे से लटका मिला, जिसके बाद तुरंत हॉस्टल प्रशासन और पुलिस को सूचित किया गया।
नोटबुक में मिला खर्चों का हिसाब
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस को पवन के कमरे से एक नोटबुक मिली है, जिसमें कुछ पन्नों पर पैसों के लेन-देन या खर्चों का विवरण लिखा हुआ है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इन खर्चों या किसी आर्थिक तनाव का छात्र की आत्महत्या से कोई संबंध है। फिलहाल नोटबुक को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है।
कमरे में अकेला ही रहता था
पुलिस चौकी 'थर्ड' के प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पवन अपने कमरे में अकेला ही रहता था। प्राथमिक दृष्टि में यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है। छात्र के दोस्तों और सहपाठियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उसकी मानसिक स्थिति या हाल के दिनों में उसके व्यवहार में आए बदलावों के बारे में सुराग मिल सके। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी एकत्र किए हैं।
परिजनों का इंतजार और पोस्टमॉर्टम
पुलिस ने घटना की जानकारी नूंह में रहने वाले पवन के परिवार को दे दी है। बुधवार को परिजनों के कुरुक्षेत्र पहुंचने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। कुरुक्षेत्र एनआईटी प्रशासन ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है।
संस्थान में सुरक्षा और काउंसलिंग पर सवाल
इस दुखद घटना ने एक बार फिर इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक और मानसिक दबाव की ओर इशारा किया है। हालांकि, पवन ने यह कदम क्यों उठाया, इसका सटीक कारण अभी रहस्य बना हुआ है। पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है।