हरियाणा में परिवार पहचान पत्र की तकनीकी खामियां और कर्मचारियों की अनदेखी आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन रही है। ताजा मामला करनाल जिले से सामने आया है, जहां प्रशासन की एक गंभीर चूक ने 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला रहीसा का जीवन दूभर कर दिया है। सरकारी दस्तावेजों में एक मुस्लिम महिला के पति के रूप में एक हिंदू व्यक्ति का नाम दर्ज कर दिया गया, जिस कारण न केवल उनका राशन बंद हो गया है, बल्कि उनकी बेटी का भविष्य भी अधर में लटक गया है।
20 साल पहले हुई थी पति की मौत
करनाल की चांद सराए कॉलोनी की रहने वाली रहीसा की जिंदगी पिछले 11 महीनों से सरकारी दफ्तरों की चौखट पर बीत रही है। रहीसा के पति नसीर का इंतकाल करीब दो दशक पहले हो चुका है, लेकिन जब उन्होंने अपनी फैमिली आईडी की जांच करवाई तो वह दंग रह गईं। सरकारी रिकॉर्ड में उनके मृत पति की जगह रणधीर नाम के एक हिंदू व्यक्ति को उनका पति दर्शाया गया है। पीड़ित महिला का कहना है कि वह रणधीर नाम के किसी भी व्यक्ति को नहीं जानती हैं। धर्म और पहचान की इस बड़ी अदला-बदली ने महिला के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
राशन कार्ड कटने से भुखमरी की नौबत
इस एक लिपिकीय गलती का खामियाजा रहीसा को अपनी बुनियादी जरूरतों को खोकर चुकाना पड़ रहा है। गलत जानकारी के चलते विभाग ने उनका राशन कार्ड रद्द कर दिया है, जिसकी वजह से पिछले करीब एक साल से उन्हें सरकारी राशन मिलना बंद हो गया है। घर चलाने के लिए रहीसा ने एक गाय पाल रखी है और वह उसका दूध बेचकर जैसे-तैसे अपना गुजारा कर रही हैं। बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के बावजूद उन्हें अपनी रोटी के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।
बेटी के करियर पर भी पड़ी मार, दफ्तरों की भागदौड़
यह गड़बड़ी सिर्फ राशन कार्ड तक सीमित नहीं रही है। रहीसा की बेटी सानिया भी इस लापरवाही का शिकार हुई है। वह नौकरी की तलाश में जुटी है, लेकिन जब भी वह किसी पद के लिए आवेदन करती है, तो फैमिली आईडी में मौजूद गलत जानकारी और विसंगतियों के कारण उसका फॉर्म तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाता है। इस तरह प्रशासन की एक चूक ने एक परिवार की दो पीढ़ियों को संकट में डाल दिया है। बुजुर्ग महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए कई विभागों के दरवाजे खटखटाए हैं। वह सबसे पहले एडीसी कार्यालय पहुंचीं, जहां से उन्हें बिजली विभाग भेज दिया गया और वहां से उन्हें अटल सेवा केंद्र जाने को कह दिया गया। महीनों तक भटकने के बाद भी किसी ने इस गलती को नहीं सुधारा।
बुजुर्ग महिला को कार्यालय में बुलाकर समस्या का समाधान किया जाएगा
जब यह मामला मीडिया के माध्यम से उच्चाधिकारियों तक पहुंचा, तो प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया। करनाल के एडीसी डॉ. राहुल ने बताया कि यह प्रकरण अभी उनके ध्यान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि बुजुर्ग महिला को कार्यालय में बुलाकर उनकी समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा और डेटा में जरूरी सुधार किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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