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पानीपत के आतंक शीलू को यूरोप से लौटते ही पुलिस ने दबोचा। रंगदारी और फायरिंग के कई मामलों में थी तलाश।

हरियाणा की पानीपत पुलिस ने मोस्ट वांटेड अपराधी सुनील उर्फ शीलू डाहर को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर यूरोप में छिपे इस बदमाश को रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए डिपोर्ट करवाया गया। जैसे ही बुधवार तड़के उसकी फ्लाइट दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर लैंड हुई, पहले से मुस्तैद पुलिस टीम ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया।

यूरोप से वापस होते ही गिरफ्तारी 
पानीपत के पुलिस अधीक्षक (SP) भूपेंद्र सिंह ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि कर बताया कि पुलिस ने शीलू पर इतना मनोवैज्ञानिक और कानूनी दबाव बनाया कि उसे भारत लौटने पर मजबूर होना पड़ा। एयरपोर्ट पर जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस अब उसे पानीपत लाकर कोर्ट में पेश करेगी। बता दें कि शीलू पर पानीपत के अलावा करनाल, सोनीपत और चंडीगढ़ में हत्या के प्रयास, रंगदारी और डकैती जैसे एक दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।

जनवरी में फैलाई थी दहशत 
हैरानी की बात यह है कि शीलू डाहर विदेश में बैठकर भी हरियाणा में अपना आतंक का नेटवर्क चला रहा था। इसी साल जनवरी में उसने दो प्रमुख घटनाओं को अंजाम दिलवाया। 
1. समालखा फायरिंग : 6 जनवरी को उसने राजेंद्र मित्तल की मिठाई की दुकान पर अंधाधुंध गोलियां चलवाईं और एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगी। 
2. ट्रांसपोर्टर पर हमला : 24 जनवरी को महराना में ट्रांसपोर्टर सी-सुब्रमण्यम पर जानलेवा हमला कराया गया, जिसका मास्टरमाइंड विदेश में बैठा यही अपराधी था। 

नाबालिगों को बना रहा था मोहरा 
जांच में एक चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है कि शीलू और उसके गुर्गे अपराध के लिए कम उम्र के लड़कों और स्कूली छात्रों को निशाना बना रहे थे। समालखा की घटना में पुलिस ने जब निखिल, प्रिंस और वंश को पकड़ा, तो पता चला कि 12वीं कक्षा के छात्रों को महज 50-50 हजार रुपये का लालच देकर शूटर बनाया गया था, 24 जनवरी की वारदात में भी एक किशोर को शामिल किया गया था, ताकि पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

व्यापारियों और कारोबारियों ने ली राहत की सांस 
शीलू डाहर की गिरफ्तारी से पानीपत के व्यापारियों और कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर यह पता लगाएगी कि उसके साथ और कौन-कौन से स्थानीय लोग जुड़े हुए हैं और विदेश में रहते हुए उसे कौन आर्थिक मदद पहुंचा रहा था। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से जिले में चल रहे संगठित अपराध के सिंडिकेट पर बड़ी चोट पहुंचेगी।  

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