हरियाणा के करनाल जिले में रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर एक व्यक्ति ने अपनी ही नाबालिग भतीजी को हवस का शिकार बनाया। इस घिनौने अपराध का खुलासा तब हुआ जब महज 15 साल की पीड़िता ने प्रसव पीड़ा के बाद बच्चे को जन्म दिया। पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है।
अकेलेपन का फायदा उठाया
पीड़ित किशोरी करनाल के एक सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा है। उसके माता-पिता मेहनत-मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि करीब 8 महीने पहले एक दिन दोपहर के समय वह घर पर अकेली थी। उसके भाई-बहन और माता-पिता काम पर गए हुए थे।
इसी दौरान उसका रिश्ते में लगने वाला चाचा घर आया। सुनसान घर पाकर उसने किशोरी के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। जब छात्रा ने विरोध किया और शोर मचाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप कर दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
दोबारा भी किया उत्पीड़न
आरोपी की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। वारदात को अंजाम देकर जाते समय उसने किशोरी को डराया कि अगर उसने इस बारे में किसी को भी बताया तो वह उसे जान से मार देगा। डर के कारण पीड़िता चुप रही। कुछ दिनों बाद जब घर के अन्य सदस्य फिर से बाहर थे तो आरोपी दोबारा वहां पहुंचा और उसने फिर से छात्रा का यौन उत्पीड़न किया। मौत के डर और लोक-लाज के भय से वह इस भयानक सच को अपने भीतर ही दबाए रही।
पेट दर्द ने खोला 8 महीने का पुराना राज
समय बीतता गया और 11 मार्च को अचानक पीड़िता के पेट में दर्द उठा। दर्द इतना तेज था कि वह इसे और सहन नहीं कर सकी और उसने रोते हुए अपनी मां को पूरी आपबीती सुना दी। बेटी की बातें सुनकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में परिजन उसे इलाज के लिए करनाल के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि किशोरी गर्भवती है और जल्द ही बच्चे को जन्म देने वाली है।
अस्पताल में प्रसव, नवजात की गंभीर स्थिति
13 मार्च को पीड़िता ने अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया। हालांकि, नवजात की सेहत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की कमर पर एक बड़ा फोड़ा है, जिसके कारण उसकी स्थिति चिंताजनक है। बेहतर उपचार और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी के लिए नवजात को करनाल से चंडीगढ़ PGI रेफर कर दिया गया है। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों ही चिकित्सकीय देखरेख में हैं।
आरोपी को भेजा गया जेल
अस्पताल प्रशासन की सूचना पर असंध महिला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए और आरोपी चाचा के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म (POCSO Act) और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं का मामला दर्ज किया। महिला थाना की एसएचओ (SHO) सुनीता ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जैसे ही हमें मामले की जानकारी मिली, हमने तुरंत कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 14 मार्च को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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