यमुनानगर हाईवे के किनारे नाडा साहिब क्षेत्र में भारी मात्रा में एक्सपायरी डेट की दवाइयां लावारिस हालत में फेंकी गई हैं। यह क्षेत्र वन्य जीवों के लिए संरक्षित है, जिससे पर्यावरण और जानवरों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
हाईवे किनारे दवाओं का अंबार
मोरनी कट के पास हाईवे किनारे दवाओं की खेप पड़ी होने के कारण वहां से गुजरने वाले राहगीरों में कौतूहल और चिंता का विषय बना हुआ है। मौके के हालात देखकर अंदेशा लगाया जा रहा है कि किसी ने रात के अंधेरे में गाड़ी खड़ी कर गुपचुप तरीके से इन दवाओं को यहां डंप कर दिया है।
वन्य जीवों के लिए बढ़ी मुसीबत
जिस स्थान पर ये दवाएं फेंकी गई हैं, वह इलाका वन्य जीवों के लिए आरक्षित है। खुले में पड़ी एक्सपायरी दवाएं मिट्टी और पानी के संपर्क में आकर जहर बन सकती हैं, जिसे अनजाने में वन्य जीव खा सकते हैं। इसके अलावा, बायो-मेडिकल वेस्ट को इस तरह खुले में फेंकना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
प्रशासन अपनाया कड़ा रुख
प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी सुधीर मोहन ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विभाग की टीम को तुरंत मौके पर भेजकर इस बायो-मेडिकल वेस्ट को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज (नष्ट) करने के निर्देश दिए गए हैं।सुधीर मोहन ने स्पष्ट किया कि बायो-मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकने पर 5 साल की जेल और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। विभाग अब उन दोषियों की तलाश कर रहा है जिन्होंने इस संरक्षित क्षेत्र को डंपिंग ग्राउंड बनाने की कोशिश की।
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