हरियाणा के करनाल में कबूतरबाजी (इमीग्रेशन फ्रॉड) के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है तो वहीं पंचकूला में रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी को 'विदेशी बिजनेस मॉडल' का झांसा देकर साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया है। दोनों ही मामलों में पीड़ितों ने अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई गंवा दी है।
करनाल में विदेश भेजने के नाम पर लाखों की चपत लगाई
करनाल के तरावड़ी इलाके में एक युवक को विदेश भेजने का सपना दिखाकर साढ़े 11 लाख रुपये हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
साढ़े 11 लाख की धोखाधड़ी और धमकी
तरावड़ी के रहने वाले ललित ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023-2024 के दौरान उसकी मुलाकात सुतिक्षण मुवाल नामक व्यक्ति से हुई। सुतिक्षण ने उसे और उसके साथियों अमित गोयत और दीपक को सुनहरे भविष्य और विदेश भेजने का लालच दिया। विश्वास में आकर ललित और उसके दोस्तों ने कुल 11 लाख 49 हजार रुपये आरोपी को सौंप दिए। समय बीतता गया, लेकिन न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही उनके पैसे वापस मिले।
बीच सड़क पर गला दबाकर दी जान से मारने की धमकी
धोखाधड़ी की हद तो तब हो गई जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, 16 फरवरी की सुबह जब ललित को आरोपी करनाल की 'निर्मल कुटिया' के पास मिला और उसने अपने पैसे मांगे, तो आरोपी सुतिक्षण ने सरेआम उसका गला पकड़ लिया। उसने ललित को जान से मारने की धमकी दी और पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। वहां मौजूद राहगीरों ने बीच-बचाव कर ललित की जान बचाई। अब तरावड़ी थाना पुलिस इमीग्रेशन एक्ट और अन्य धाराओं के तहत जांच कर रही है।
पंचकूला में यूके सिटीजन बनकर रिटायर्ड कर्मचारी से 13 लाख की साइबर ठगी
साइबर अपराध का एक बड़ा मामला पंचकूला से आया है, जहां एक रिटायर्ड केंद्रीय कर्मचारी को ठगों ने अपना शिकार बनाया। ठगों ने खुद को ब्रिटेन (UK) का नागरिक बताकर पीड़ित का भरोसा जीता।
फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए बिछाया जाल पंचकूला सेक्टर-20 के निवासी श्याम लाल मित्तल, जो केंद्र सरकार के विभाग से सेवानिवृत्त हैं, दिसंबर 2025 में फेसबुक से एक अज्ञात व्यक्ति के संपर्क में आए। उस व्यक्ति ने खुद को यूके का नागरिक बताया और व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू की। बाद में उसने अपनी कथित बहन 'चार्ल्स एलिजाबेथ' से उनकी बात करवाई।
मुनाफे वाला 'बिजनेस मॉडल' और 13.10 लाख का फ्रॉड
ठगों ने श्याम लाल को एक निवेश योजना समझाई। उन्होंने दावा किया कि यदि वे 1000 यूएस डॉलर में एक प्रोडक्ट खरीदते हैं, तो उसे आसानी से 3000 यूएस डॉलर में बेच सकेंगे और कंपनी खुद ही उसे वापस खरीद लेगी। इस लुभावने ऑफर के जाल में फंसकर पीड़ित ने अलग-अलग किश्तों में कुल 13.10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पैसे देने के बावजूद कोई प्रोडक्ट नहीं मिला और आरोपियों ने बहानेबाजी शुरू की, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी
• करनाल में पीएसआई जसविंद्र ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
• पंचकूला में साइबर थाना के एसआई जसमीत के नेतृत्व में पुलिस उन बैंक खातों की डिटेल निकाल रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है। पुलिस तकनीकी सर्विलांस के जरिए ठगों के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
सावधानी ही बचाव
ये दोनों घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि अपराधी अब न केवल शारीरिक रूप से बल्कि डिजिटल माध्यम से भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी अनधिकृत इमीग्रेशन एजेंट को पैसे न दें। सोशल मीडिया पर अनजान विदेशी नागरिकों की निवेश योजनाओं पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की सूचना तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर दें।
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