हिसार पुलिस ने अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सीआईए (CIA) हिसार की टीम ने न केवल एक आरोपी को दबोचा, बल्कि उस ठिकानी की भी पहचान की जहाँ ये हथियार तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में पिस्तौल बनाने के पुर्जे और आधुनिक मशीनें बरामद की हैं।
विकास नगर से शुरू हुई जांच
मामले का खुलासा 11 अप्रैल को हुआ, जब डीएसपी (मुख्यालय) कमलजीत सिंह के मार्गदर्शन में सीआईए स्टाफ के उप-निरीक्षक विजय कुमार की टीम विकास नगर क्षेत्र में गश्त पर थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने साहिल (निवासी खासा महाजन, अग्रोहा) को गिरफ्तार किया। साहिल के कब्जे से एक 315 बोर की पिस्तौल और दो कारतूस मिले। इसके बाद थाना शहर हिसार में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में हुआ मास्टरमाइंड का खुलासा
जब आरोपी साहिल से पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने खुलासा किया कि वह यह हथियार सिरसा के राजू से खरीदकर लाया था। इस लीड पर काम करते हुए एएसआई राममेहर सिंह के नेतृत्व में सीआईए टीम ने 13 अप्रैल को सिरसा के गांव नेजाडेला खुर्द और फरवाई खुर्द में छापेमारी की। पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी राजू को फरवाई खुर्द से गिरफ्तार कर लिया।
घर में चल रही थी 'हथियार बनाने की वर्कशॉप'
गिरफ्तार आरोपी राजू के घर की जब तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम दंग रह गई। वहां अवैध हथियार बनाने का पूरा साजो-सामान मौजूद था। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया है।
• तैयार असला : नाजायज पिस्तौल और कारतूस।
• ढांचा और बैरल : पिस्तौल का खाका बनी लोहे की प्लेट, 6 लोहे के पाइप (बैरल बनाने के लिए), 3 बॉडी और 4 तैयार लोहे की बैरल।
• कारतूस बनाने का सामान : स्टील और पीतल के पाइप, कारतूस में भरने वाली रांग, लोहे की गोलियां और स्प्रिंग।
• पार्ट्स : ट्रिगर गार्ड, ट्रिगर और लोहे के 18 अलग-अलग पुर्जे।
• मशीनरी : इलेक्ट्रिक कटर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन (PROWELD मार्का), लोहे की रेतियां, प्लास, हथौड़ी और पेचकस सेट।
इसके अलावा, बंदूक के लकड़ी के खांचे और बट पर लगाने वाली फट्टियां भी बरामद की गई हैं, जो इस बात का सबूत हैं कि आरोपी बड़े पैमाने पर हथियार असेंबल कर रहा था।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पकड़ा गया आरोपी राजू कोई साधारण अपराधी नहीं है। उस पर पहले भी चोरी, अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराधों के कुल 7 मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था।
रिमांड पर लेकर होगी आगे की पूछताछ
हिसार पुलिस अब राजू को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करेगी। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि राजू ने अब तक किन-किन लोगों को हथियार बेचे हैं और इस अवैध कारोबार में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
हिसार पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपकी सतर्कता समाज को अपराध मुक्त बनाने में मददगार साबित होगी।










