प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को हरियाणा के शहरी स्थानीय निकायों और रिक्त पड़ी पंचायतों के उपचुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। पंचकूला में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र कल्याण ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के तीन महत्वपूर्ण नगर निगमों सोनीपत, पंचकूला और अंबाला में मेयर और पार्षदों के चुनाव 10 मई को आयोजित किए जाएंगे।
चुनाव का पूरा टाइमटेबल
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार चुनावी प्रक्रिया अप्रैल के अंत से शुरू होकर मई के मध्य तक चलेगी।
• नामांकन प्रक्रिया: प्रत्याशी 21 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
• दस्तावेजों की जांच: 27 अप्रैल को सभी नामांकनों की स्क्रूटनी की जाएगी।
• नाम वापसी और प्रतीक: 28 अप्रैल को नाम वापस लेने की अंतिम तिथि होगी और इसी दिन उम्मीदवारों को उनके चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे।
• मतदान और परिणाम: 10 मई को ईवीएम (EVM) के जरिए वोट डाले जाएंगे। यदि जरूरत पड़ी तो पुनर्मतदान 12 मई को होगा, जबकि 13 मई को मतगणना के साथ ही परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी।
इन शहरों और निकायों में थमेगा चुनावी शोर
इस बार का चुनाव केवल नगर निगमों तक सीमित नहीं है। राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि नगर निगमों के अलावा रेवाड़ी नगर परिषद और सांपला (रोहतक), उकलाना (हिसार) व धारूहेड़ा (रेवाड़ी) नगरपालिकाओं में भी मतदान होगा। इसके साथ ही टोहाना, झज्जर, राजौंद, तरावड़ी, सढ़ौरा और कनीना नगरपालिकाओं में भी लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
शहरी निकाय के साथ-साथ पंचायत उपचुनाव भी संपन्न कराए जाएंगे। इनमें पानीपत और करनाल जिला परिषद के एक-एक वार्ड, 12 ब्लॉक समिति सदस्यों, 29 सरपंचों और 485 पंचों के पदों के लिए वोटिंग होगी। ध्यान रहे कि पंचायती राज के नतीजे मतदान वाले दिन यानी 10 मई को ही घोषित कर दिए जाएंगे।
आचार संहिता लागू, तबादलों पर लगी रोक
चुनावों की घोषणा के साथ ही संबंधित चुनावी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है, उनके तबादलों पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके लिए मुख्य सचिव को औपचारिक पत्र लिख दिया गया है। आचार संहिता केवल उन्हीं क्षेत्रों में लागू होगी जहां चुनाव होने हैं। पंचकूला में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के लिए भी अब निर्वाचन अधिकारी की अनुमति अनिवार्य होगी।
नोटा (NOTA) और मानदेय के नए नियम
इस बार चुनाव आयोग ने नोटा के नियमों में बदलाव किया है। अब यदि नोटा को सबसे अधिक वोट मिलते हैं, तब भी वह विजेता नहीं माना जाएगा। नोटा के वोटों को अलग कर जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलेंगे, उसे ही विजयी घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही, चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है; उन्हें अब केंद्रीय चुनाव आयोग की निर्धारित दरों के समान मानदेय दिया जाएगा।
भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर
निकाय चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां पूरी तैयारी में हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि पार्टी इस चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ेगी और सरकार की उपलब्धियों के दम पर 'ट्रिपल इंजन' की सरकार बनाने का प्रयास करेगी।
दूसरी ओर, कांग्रेस भी पूरी ताकत झोंक रही है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पष्ट किया है कि पार्टी मेयर का चुनाव सिंबल पर लड़ेगी। हालांकि, पंचकूला जैसे शहरों में कांग्रेस को अंतर्कलह का सामना करना पड़ रहा है, जहां कुछ संभावित उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
पिछले चुनावों में इन तीनों निगमों में भाजपा का दबदबा रहा
1. पंचकूला: 2020 में भाजपा के कुलभूषण गोयल ने कांग्रेस की उपेंद्र कौर को हराकर मेयर की कुर्सी हासिल की थी।
2. अंबाला: यहां मार्च में हुए चुनावों में भाजपा की शैलजा संदीप सचदेवा ने कांग्रेस की अमीषा चावला को 20 हजार से अधिक मतों के भारी अंतर से पराजित किया था।
3. सोनीपत: मार्च 2025 में हुए उपचुनाव में भाजपा के राजीव जैन ने कांग्रेस के कमल दिवान को शिकस्त देकर अपनी जीत दर्ज की थी।
अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा अपना किला बचाने में सफल रहती है या कांग्रेस इस बार इन नगर निगमों में सेंध लगाने में कामयाब होगी। इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जनता के मूड का 'लिटमस टेस्ट' भी माना जा रहा है।
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