चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सुबह विधानसभा में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए। भाजपा व जजपा ने बुधवार को ही अपने सभी विधायकों को कार्रवाई में शामिल होने के लिए व्हिप जारी कर दी थी। चर्चा के बाद अविश्वास लाने वाली कांग्रेस खुद वोटिंग से पहले विधानसभा से वाक आउट कर गई हो और अविश्वास प्रस्ताव गिर गया, परंतु चर्चा के दौरान जननायक जनता पार्टी विधायक रामकुमार गौतम की अपनी ही पार्टी के नेता एवं डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की तकरार दिनभर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान वित्तमंत्री के रूप में शुक्रवार को प्रदेश का बजट पेश करेंगे। मुख्यमंत्री के बजट जनहितैषी होने के दावों के बावजूद किसान आंदोलन के बीच जिस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं।
इस्तीफे की नसीहत पर भड़के गौतम
जजपा विधायक रामकुमार गौतम कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए सरकार के सामने अपनी कुछ शर्तें रखने के साथ अपनी ही पार्टी के नेता एवं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के विभागों विशेषकर पंचायत विभाग में कमीशनखोरी के आरोप लगाए दिए। जिससे नाराज दुष्यंत ने गौतम को त्यागपत्र देने की नसीहत दे दी। इससे भड़के गौतम ने कहा कि वह अपने दम पर जीतकर यहां पहुंचे हैं, आपके वोट मुझे नहीं मिले। इस्तीफा मुझे नहीं आपको देना चाहिए। दोनों के बीच भ्रष्टाचार पर शुरू हुई बहस तूं-तूं, मैं- मैं तक पहुंच गई। विधानसभा अध्यक्ष ने मामले को शांत किया। बेटे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने से मां नैना चौटाला विधायक गौतम के प्रति गुस्से में नजर आई तथा अपनी सीट से गौतम को खरी खरी सुनाई। मंत्री देवेंद्र बबली व राज्यमंत्री अनून धानक भी दुष्यंत के समर्थन में खड़े नजर आए।
पिछला 1.83 हजार करोड़ और इस बार दो लाख करोड़ होने की संभावना
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गत वर्ष प्रदेश का बजट एक लाख 83 हजार करोड़ रुपये था। इस साल 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ बजट दो लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंचने की उम्मीद है। मनोहर लाल शुक्रवार को वित्तमंत्री के रूप में प्रदेश का पांचवां व अपना अंतिम बजट पेश करेंगे। जिसके लिए पूरा होमवर्क हो चुका है। मुख्यमंत्री चुनावी साल में भी लुभावनी घोषणाओं की बजाय जनहित में बजट लाने का संकेत पहले ही दे चुके हैं। ऐसे में सुबह 11 बजे पेश होने वाले बजट में मनोहर सरकार युवा, गरीब, बेरोजगारों, किसान, महिला, बच्चों मजदूरों, कर्मचारी हितों पर फोकस कर सकती है।











