हरियाणा में अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ सरकार का 'बुल्डोजर अभियान' पूरी रफ्तार से जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को गुरुग्राम पुलिस और जिला नगर योजनाकार (DTP) विभाग ने कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने नाहरपुर रूपा स्थित गैंगस्टर की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति को बुल्डोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के अनुसार मुक्त कराई गई जमीन की बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
एचएसवीपी की जमीन पर था अवैध कब्जा
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने जानकारी दी कि कौशल चौधरी ने नाहरपुर रूपा गांव में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की लगभग 1500 वर्ग गज जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। इस जमीन पर गैंगस्टर ने मकान और कई दुकानें बना ली थीं, जिनसे वह आर्थिक लाभ कमा रहा था। बुधवार को भारी पुलिस बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट आरएस बाठ की मौजूदगी में तीन जेसीबी मशीनों ने इन अवैध निर्माणों को ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर तनाव को देखते हुए भारी सुरक्षा तैनात की गई थी।
मजदूरी से 'इंटरनेशनल सिंडिकेट' तक का सफर
कौशल चौधरी का अपराध की दुनिया में आने का सफर बेहद चौंकाने वाला है। शुरुआती दिनों में वह सबमर्सिबल पंप की रिपेयरिंग का काम करता था और मुश्किल से 500-600 रुपये रोजाना कमाता था, लेकिन साल 2005 में उसके भाई की हत्या ने उसकी जिंदगी बदल दी। भाई की मौत का प्रतिशोध लेने के लिए उसने राजस्थान के अपराधियों के साथ मिलकर अपना गिरोह बनाया और गैंगस्टर सुदेश उर्फ चेलू की हत्या कर दी। इसके बाद कौशल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज उस पर हत्या, लूट और फिरौती के 37 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं।
लॉरेंस बिश्नोई का कट्टर दुश्मन और बंबीहा सिंडिकेट का साथी
कौशल चौधरी को जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है। दोनों के बीच दुश्मनी की जड़ें गुरुग्राम के शराब ठेकों से शुरू हुई थीं। लॉरेंस ने जब कौशल के वर्चस्व को चुनौती दी, तो कौशल ने लॉरेंस के विरोधी 'बंबीहा गैंग' से हाथ मिला लिया। विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के लिए हथियार मुहैया कराने में कौशल का नाम आया था, जिसका बदला लेने के लिए लॉरेंस गैंग ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की। कौशल ने जेल से ही लॉरेंस को खत्म करने की खुली धमकी भी दी थी।
लेडी डॉन मनीषा ने संभाली पति के साम्राज्य की कमान
कौशल चौधरी की पत्नी मनीषा चौधरी भी अपराध की दुनिया में एक बड़ा नाम है। उत्तर भारत में 'फिरौती क्वीन' के नाम से मशहूर मनीषा को पिछले साल एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। वह जेल में बंद अपने पति के इंटरनेशनल सिंडिकेट को बाहर से ऑपरेट कर रही थी। बड़े होटलों और कारोबारियों से करोड़ों की रंगदारी मांगना और पैसे न मिलने पर फायरिंग कराना उसका मुख्य काम था। वर्तमान में पति-पत्नी दोनों ही गुरुग्राम की भौंडसी जेल की सलाखों के पीछे हैं।
अपराधियों को सख्त संदेश
पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अपराध के जरिए कमाई गई संपत्ति अब सुरक्षित नहीं है। पुलिस के अनुसार गैंगस्टरों की अवैध संपत्तियों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में अन्य बड़े अपराधियों पर भी ऐसी ही कार्रवाई देखने को मिल सकती है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों के आर्थिक ढांचे को तोड़ना और जनता में कानून का इकबाल कायम करना है।
(हरियाणा के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें। यहां क्लिक करें epaper haribhoomi या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें। )










