इस बार कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कमेटी के सदस्यों की फोटो हटा दी गई है। इसके साथ ही, कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने आगामी 31 मार्च को कमेटी का बजट पेश करने का ऐलान किया है।
प्रमुख अपडेट्स
- कैलेंडर से हटी सदस्यों की फोटो: प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि पहले नानकशाही कैलेंडर में सदस्य अपनी-अपनी फोटो लगवाते थे, लेकिन अब इस परंपरा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। भविष्य में कैलेंडर में किसी भी सदस्य की फोटो नहीं लगाई जाएगी।
- 31 मार्च को बजट का ऐलान: झींडा ने बताया कि कमेटी का आगामी बजट गुरुद्वारों के विकास, स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए तैयार किया जाएगा। बजट को अंतिम रूप देने से पहले 26 और 27 मार्च को सभी सदस्यों के साथ एक अहम मीटिंग की जाएगी। यदि किसी सदस्य को कोई आपत्ति या सुझाव है, तो वे 30 मार्च तक उसे रख सकते हैं।
- कानून में बदलाव की मांग: कमेटी के प्रधान ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा एक्ट में मौजूद 'टू-थर्ड (2/3) मेजोरिटी' के नियम को विकास में बाधक बताया। उन्होंने कहा कि SGPC पंजाब या दिल्ली कमेटी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन हरियाणा में इसे लागू किया गया है, जिसका खामियाजा सिख संगत को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने इसे बदलने की पुरजोर मांग की है।
- राजनीतिक मुलाकात: अपनी मांगों और कमेटी की स्थिति को लेकर झींडा ने हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की थी।
क्या होगा कमेटी का मुख्य केंद्र बिंदु
कमेटी का मुख्य फोकस फिलहाल पारदर्शिता और विकास पर है। झींडा ने स्पष्ट किया है कि बजट पेश करने के लिए किसी आयोग की विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं है और वे पूरी तैयारी के साथ 31 मार्च को इसे पेश करेंगे।
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