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रिटर्निंग ऑफिसर ने 5 अप्रैल को घोषित किया गया पुराना शेड्यूल पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई बार काउंसिल ऑफ इंडिया के हस्तक्षेप के बाद की गई है।

पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की बार काउंसिल्स के चुनाव रद्द हो गए हैं। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ने एक अप्रत्याशित फैसले के तहत इस क्षेत्र की सभी बार एसोसिएशनों के वार्षिक चुनाव कार्यक्रमों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। रिटर्निंग ऑफिसर, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जयश्री ठाकुर की ओर से जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार पूर्व में घोषित शेड्यूल को निरस्त कर दिया गया है और नई तिथियों की घोषणा भविष्य में की जाएगी।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के हस्तक्षेप के बाद लिया निर्णय 
इस महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया को रोकने के पीछे बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) का हस्तक्षेप मुख्य कारण माना जा रहा है। दरअसल बीसीआई को कई बार एसोसिएशनों की ओर से कई शिकायतें और पत्र प्राप्त हुए थे। इन शिकायतों में 5 अप्रैल 2026 को जारी किए गए सामान्य चुनाव कार्यक्रम पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा को भी इसी तरह के कई विरोध पत्र मिले, जिसके बाद सामूहिक हितों और नियमों को ध्यान में रखते हुए पुराने शेड्यूल को वापस लेने का निर्णय लिया गया। 

5 अप्रैल को चुनाव कार्यक्रम जारी किया था  
इससे पहले 4 अप्रैल 2026 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मिले निर्देशों के क्रम में जस्टिस ठाकुर ने 5 अप्रैल को एक विस्तृत चुनाव कार्यक्रम जारी किया था। इस योजना के तहत पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की सभी जिला बार एसोसिएशनों, टैक्स बार, ट्रिब्यूनल बार और उपभोक्ता फोरम बार एसोसिएशनों के चुनाव एक साथ संपन्न होने थे। विशेष बात यह थी कि इस बार सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन कर महिला अधिवक्ताओं के लिए पदों पर 30 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी लागू किया गया था।

नए सिरे से चुनाव कार्यक्रम तैयार होगा 
प्रशासन की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक 5 अप्रैल 2026 के चुनावी कैलेंडर को पूरी तरह से रद्द माना जाएगा। इसका अर्थ यह है कि फिलहाल किसी भी बार एसोसिएशन में चुनाव से संबंधित कोई भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। नए सिरे से चुनाव कार्यक्रम तैयार किया जाएगा, जिसकी जानकारी उचित समय पर सार्वजनिक की जाएगी। 

इस फैसले की आधिकारिक सूचना पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के साथ-साथ सभी जिला बार एसोसिएशनों, टैक्स और ट्रिब्यूनल बार के अध्यक्षों एवं सचिवों को भेज दी गई है। इसके साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और प्रमुख सचिवों को भी इस निर्णय से अवगत करा दिया गया है। फिलहाल, वकील समुदायों में इस स्थगन को लेकर चर्चाएं तेज हैं और सभी को अब नए चुनावी शेड्यूल का इंतजार है। 

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