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सरकार द्वारा पिराई के लिए भेजा गया धान मिल से गायब है। 2 दिन पहले हुई प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई है।

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में धान और चावल के स्टॉक में गड़बड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिहोवा के बाद अब इस्माइलाबाद की एक राइस मिल में बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। भारतीय किसान यूनियन  चढूनी ग्रुप ने दावा किया है कि फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान मिल में करीब 90 गाड़ी चावल कम पाया गया है।

राकेश बैंस का बड़ा आरोप
भाकियू चढूनी के प्रवक्ता राकेश बैंस ने बताया कि सरकार द्वारा पिराई के लिए भेजा गया धान मिल से गायब है। 2 दिन पहले हुई प्रशासनिक जांच (फिजिकल वेरिफिकेशन) में यह बात सामने आई है कि मिल में 90 गाड़ी चावल शॉर्ट है। यानी मिल संचालक ने सरकार को जो चावल सौंपना था, वह स्टॉक में मौजूद नहीं है।

प्रशासन को शनिवार दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम
इस मामले को लेकर किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पंचायत की। राकेश बैंस ने चेतावनी दी है कि शनिवार दोपहर 12 बजे तक मिल संचालक के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए। यदि समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो दोपहर 1 बजे किसान गुरुद्वारा साहिब में इकट्ठा होकर बड़ा आंदोलन शुरू करने का निर्णय लेंगे।

पिहोवा में 'रिश्वतकांड' की जांच तेज
वहीं, पिहोवा की राइस मिलों में फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान 15-15 हजार रुपये लेकर 'क्लीन चिट' देने की वायरल ऑडियो क्लिप का मामला भी तूल पकड़ रहा है। कुरुक्षेत्र उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने इस ऑडियो और व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट की जांच SDM पिहोवा अनिल कुमार दून को सौंप दी है। DC ने DFSC को निर्देश दिए हैं कि जांच से संबंधित सारा रिकॉर्ड तुरंत SDM को उपलब्ध कराया जाए। वायरल ऑडियो में आरोप लगाया गया था कि पिहोवा अनाज मंडी की एक दुकान पर जांच टीम को पैसे पहुँचाकर गलत तरीके से रिपोर्ट बनवाई जा रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों की गोलबंदी
किसानों का कहना है कि एक तरफ सरकार और अधिकारी फिजिकल वेरिफिकेशन का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ करोड़ों के चावल का स्टॉक कम मिलना मिलीभगत की ओर इशारा करता है। भाकियू ने साफ किया है कि वे अब आश्वासन से नहीं, बल्कि ठोस कानूनी कार्रवाई से ही शांत होंगे।

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