Noida Police: नोएडा पुलिस के दो अधिकारियों को एक रेप केस के मामले में संबंधित धाराएं न जोड़ने के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। पढ़िए पूरी खबर...

Noida Police: नोएडा पुलिस ने एक गंभीर मामले में लापरवाही बरतने पर दो अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। फेज-3 थाने के एसएचओ पुनीत कुमार और सब-इंस्पेक्टर प्रीति गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब जांच में पाया गया कि 17 मार्च को दर्ज एफआईआर में कुछ जरूरी धाराएं शामिल नहीं की गई थीं। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए दोनों अधिकारियों को सस्पेंड किया।

पीड़िता ने शिकायत की थी कि आरोपी ने अपनी असली धार्मिक पहचान छुपाकर (रियाज के बजाय लक्की नाम से) उससे दोस्ती की और शादी का झांसा देकर बार-बार दुष्कर्म किया। आरोपी पर धोखाधड़ी, वसूली और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे आरोप भी लगे थे। पीड़िता पिछले एक महीने से पुलिस के पास शिकायत लेकर जा रही थी, लेकिन शुरुआत में उसकी पूरी सुनवाई नहीं हुई। बाद में एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन उसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 351 और 308 के अलावा अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान नहीं जोड़े गए।

एफआईआर में उत्तर प्रदेश अवैध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (UP Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act) और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं नहीं लगाई गई थीं। ये धाराएं मामले में पीड़िता के आरोपों के अनुसार जरूरी थीं, क्योंकि शिकायत में धार्मिक पहचान छुपाने और जातिगत टिप्पणियों का जिक्र था। लापरवाही के कारण केस की गंभीरता कम आंकी गई। हिंदू संगठनों के विरोध और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मामले की समीक्षा की, जिसमें यह कमी सामने आई।

इस चूक पर नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने तुरंत संज्ञान लिया। डीसीपी सेंट्रल नोएडा से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि संबंधित एसीपी के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। दोनों सस्पेंड अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी। यह घटना पुलिस की जांच प्रक्रिया में सतर्कता और सही धाराएं लगाने की जरूरत को दर्शाती है, ताकि पीड़ितों को पूरा न्याय मिल सके। कुल मिलाकर, यह कार्रवाई पुलिस में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।