Noida Workers Protest: नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने आज प्रदर्शन किया है, इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कुछ गाड़ियों में आग लगा दी, और जमकर उत्पाद मचाया। इसके साथ ही हरियाणा के पलवल और फरीदाबाद में भी सैलरी इंक्रीमेंट को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं...

Noida Workers Protest: दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक एरिया में पिछले 3 दिनों से प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले मजदूरों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन आज यह प्रदर्शन बेहद उग्र हो गया है। बताया जा रहा है कि श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर फेस-2 और सेक्टर-84 समेत कई एरिया में भारी बवाल मचाया है।   

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों की तोड़फोड़ की है, यहां तक कि पुलिस की एक गाड़ी को पलट दिया और 2 अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली से नोएडा में आने वाले वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। नोएडा के अलग-अलग इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2, सेक्टर-15, कुलेसरा, सेक्टर-62 और सेक्टर-63 में हालात काफी गंभीर हैं।  

पुलिस टीम पर पथराव 

खबरों की मानें तो ग्रेटर नोएडा के फेस-2 में  मदरसन कंपनी के पास प्रदर्शन कर रहें कर्मचारी अचानक हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर भी पथराव शुरू कर दिया, और सरकारी गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा होजरी कॉम्प्लेक्स D-ब्लॉक में रिचा ग्लोबल गारमेंट्स के कर्मियों ने भी सड़क पर उतरकर नारेबाजी की है।

बैठक में दिया था आश्वासन

ऐसा भी कहा जा रहा है कि बीते दिन यानी 12 अप्रैल रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों ने श्रमिकों के साथ बैठक करके उनकी मांगें पूरी करने का आश्ववासन दिया था, लेकिन प्रशासन की इस अपील और आश्वासन का मजदूरों पर कोई भी असर देखने को नहीं मिला है। चौथे दिन भी कर्मचारी सड़कों पर डटे रहें। श्रमिकों का कहना है कि जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाएगा प्रदर्शन जारी रहेगा।

ड्रोन से कड़ी निगरानी

कर्मचारियों के बवाल के बाद गौतमबुद्धनगर के कमिश्नरेट ने पूरे एरिया में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दिया है। सीनिय अधिकारियों द्वारा इलाके में कड़ी निगरानी की जा रही है। ड्रोन के माध्यम से भी कड़ी निगरानी की जा रही है।  

नोएडा के इन रूटों पर ट्रैफिक डायवर्जन

नोएडा ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि परी चौक, संदीप पेपर मिल मार्ग , सेक्टर–62 गोलचक्कर से NIB पुलिस चौकी की तरफ जाने वाले रूट पर पहले कट पर डायवर्जन करके यातायात का संचालन किया जा रहा है। पुलिस ने भारी बवाल को देखते हुए चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर से DND टॉल/चिल्ला बॉर्डर होकर दिल्ली की तरफ जाने वाले ट्रैफिक का डायवर्जन कर संचालन किया जा रहा है। ऐसे में पुलिस ने सुगम यातायात के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके अलावा रजनीगंधा चौक मार्ग भी ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।  

पुलिस प्रशासन ने लोगों से की अपील 

पुलिस प्रशासन ने बयान देते हुए कहा है कि 'औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हम लगातार श्रमिकों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार न्यूनतम बल प्रयोग किया जा रहा है। आम जनता किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस का सहयोग करें।'

नोएडा के बाद पलवल और फरीदाबाद में भी प्रदर्शन

गुरुग्राम और नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद अब हरियाणा के फरीदाबाद और पलवल में भी प्राइवेट कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारी भी सड़क पर उतर आए हैं। कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आवाज उठाई है। आज 13 अप्रैल को सुबह पलवल में पृथला के पास  प्राइवेट कंपनी की महिला कर्मियों ने वेतन बढ़ाने को लेकर दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे जाम कर दिया।

 

न्यूनतम वेतन का लाभ नहीं मिल रहा-वर्कर्स

प्रदर्शन कर रहीं महीला कर्मचारियों का कहना है कि सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन उन्हें नहीं मिल रहा। जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। प्रदर्शन के दौरान महिला कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से बढ़ी हुई सैलरी की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा, जिससे उनके परिवार का खर्च चला पाना भी मुश्किल हो रहा है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने हाईवे पर बैठकर विरोध जताया।

फरीदाबाद में भी कर्मचारियों का प्रदर्शन

फरीदाबाद में भी एक प्राइवेट कंपनी के कर्मियों ने भी सैलरी बढ़ाने को लेकर कंपनी के बाहर सड़क पर प्रदर्शन किया, जिसकी वजह से ट्रैफिक प्रभावित हो गया। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत शुरू करवाई। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों समस्या का समाधान करने की कोशिश की जा रही है।