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Noida Hindi News: नोएडा के सेक्टर 44  में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के कर्मचारियों की लापरवाही चलते एक यूकेजी का बच्चा लगभग 7 घंटों तक स्कूल की बस में बंद रहा। पढ़िए पूरी खबर...

Noida Hindi News: नोएडा के सेक्टर 44 में स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्कूल से बच्चों को घर पहुंचाने वाली बस में एक बच्चा सो गया था। बस चलते-चलते अचानक खराब हो गई, जिसके कारण ड्राइवर और स्कूल स्टाफ को सभी बच्चों को दूसरी बस में शिफ्ट करना पड़ा। इस दौरान बच्चा बस में सोया हुआ था, इसलिए वह नजर नहीं आया और छूट गया। इस लापरवाही से बच्चे की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। स्कूल प्रशासन को इस तरह की स्थिति के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। घटना के बाद जब बस को पार्क किया गया, तब जाकर बच्चे के छूटने का पता चला। यह घटना बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।

बच्चा सो गया था

बच्चा बस में सोया हुआ था, इसलिए जब बस खराब हुई और बच्चों को शिफ्ट किया गया, तो वह जागा नहीं। दूसरी बस में सभी बच्चों को स्थानांतरित करने के बाद मूल बस को पार्क कर दिया गया। बच्चा कई घंटों तक बस में अकेला रहा। परिवार वालों को जब बच्चे के घर न पहुंचने की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्कूल से संपर्क किया। स्कूल स्टाफ ने बस की जांच की और बच्चे को पाया। बच्चा डरा हुआ था, लेकिन सुरक्षित था। इस दौरान बच्चे को कोई चोट नहीं लगी, लेकिन मानसिक रूप से वह परेशान हो गया। अगर बच्चा जागा होता, तो शायद यह समस्या न आती।

स्कूल की लापरवाही

स्कूल प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। बस खराब होने के बाद बच्चों को दूसरी बस में शिफ्ट करने की प्रक्रिया में चेकलिस्ट का पालन नहीं किया गया। सामान्यतः ऐसे मामलों में हर बच्चे की गिनती की जाती है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। स्कूल ने माफी मांगी और कहा कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी। ड्राइवर और अटेंडेंट पर कार्रवाई की बात कही गई है। बस खराब होने की जांच भी की जा रही है ताकि पता चले कि क्या रखरखाव में कमी थी। अभिभावकों ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहतर सिस्टम बनाया जाए, जैसे सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस ट्रैकिंग। यह घटना दिखाती है कि स्कूलों को ट्रांसपोर्ट में ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए।

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