दिल्ली उच्च न्यायालय से चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यहां के कैंटीन ठेकेदार ने दोपहर के खाने पर रोक लगा दी है। केवल सैंडविच, सलाद और वही चीजें परोसी जा रही हैं, जिन्हें एलपीजी गैस के बिना तैयार किया जा सकता है। खास बात है कि वकील भी ठेकेदार की मजबूरी समझ रहे हैं और स्पष्ट कर रहे हैं कि ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध के कारण गैस की कमी को देखते हुए यह एक तरह का उपाय है।
दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने कहा कि एलपीजी का राशनिंग की जा रही है। पहले घरेलू उपभोक्ताओं को और फिर व्यावसायिक श्रेणी की गैस महंगी हो गई है। यह व्यावसायिक श्रेणी के अंतर्गत आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंटीन में दोपहर के भोजन पर रोक का नोटिस बार द्वारा जारी नहीं किया गया है बल्कि कैंटीन प्रबंधक और मालिक द्वारा व्यक्त की गई बेबसी का नतीजा है। नोटिस के अनुसार, कैंटीन में केवल नाममात्र की सेवाएं दी जा रही हैं, जैसे सैंडविच परोसना। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति के कारण कमी को देखते हुए यह एक तरह का मितव्ययिता उपाय है।
कैंटीन प्रशासन ने दिया यह बयान
कैंटीन प्रशासन का कहना है कि एलपीजी की आपूर्ति बाधित है। आपूर्ति कब बहाल होगी, इसकी जानकारी नहीं है। कैंटीन प्रशासन ने कहा कि लगातार सप्लायर्स के संपर्क में हैं, लेकिन अभी तक पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई कि यह समस्या कब तक बनी रहेगी। कैंटीन के मैनेजर मोहर सिंह का कहना है कि गैस की कमी के चलते दोपहर के भोजन की व्यवस्थाएं रोक रहे हैं। हम केवल सैंडविच, सलाद और अन्य चीजें, जो कि बिना गैस के तैयार हो सकती हैं, परोसी जाएंगी।
गैस उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही परेशानी
उधर, गैस के दाम बढ़ने के चलते कालाबाजारी करने वाले भी सक्रिय हो चुके हैं। एक गैस सिलेंडर विक्रेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले 950 रुपये में गैस सिलेंडर का रेट था, अब 1150 रुपये तक पहुंच गया है। उधर, पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ रही हैं।