आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कथित आबकारी नीति भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि सीबीआई की ओर से दायर याचिका को जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की बेंच से किसी अन्य बेंच के पास भेजा जाए। केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों के बरी होने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। आप नेताओं का कहना है कि अगर यह मामला न्यायमूर्ति शर्मा के पास रहता है, तो मामले की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी।
इस बयान को लेकर आप की बढ़ी चिंता?
बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा ने आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के बरी होने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई की चुनौती पर कहा था कि पिक्चर अभी बाकी है। उनके इस बयान को तुरंत आम आदमी पार्टी ने लपका और आरोप जड़ दिया कि भाजपा नेताओं को कैसे पता कि दिल्ली हाईकोर्ट का इस पर क्या फैसला आएगा? आम आदमी पार्टी, दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी सवाल पूछा था कि न्यायमूर्ति शर्मा से बीजेपी का रिश्ता क्या है? उनके इस बयान के बाद अब अरविंद केजरीवाल ने भी रिएक्शन दिया। साथ ही, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को पत्र लिखकर इस मामले की सुनवाई किसी अन्य कोर्ट भेजने की अपील की है।
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा था कि निचली अदालत द्वारा इस मामले में सीबीआई के अफसरों के खिलाफ टिप्पणियों पर रोक लगाएगी। वहीं ईडी ने भी अपने खिलाफ टिप्पणियों को हटाने की अपील की थी। कहा था कि गिरफ्तारी सीबीआई ने की थी। ईडी को सुने बिना ही उनके खिलाफ गलत टिप्पणियां की गईं। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों से ईडी की इस याचिका पर जवाब मांगा था। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।










