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दिल्ली सरकार के खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई नीति के तहत 8 क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।

दिल्ली सरकार ने राजधानी में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी को देखते हुए नई नीति जारी की है। इस नीति के तहत रोजाना सप्लाई होने वाले 9 हजार कमर्शियल सिलेंडरों में से 1800 सिलेंडरों को जरूरी सेवाओं के लिए रिजर्व में रखा जाएगा। दिल्ली सरकार के खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नीति पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशानुसार लागू की गई है। 

नई नीति के तहत 8 क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर कमर्शिलय सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें अस्पताल, रेलवे, एयरपोर्ट, स्कूल, शिक्षण संस्थान, रेस्टोरेंट इत्यादी शामिल हैं। दिल्ली के खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, तीनों ओएमसी आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल रोजाना करीब 9000 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बिक्री करती है। इसमें से दैनिक औसत खपत को 20 फीसद तक सीमित कर दिया गया है। दैनिक सिलेंडर कोटा को तीनों ओएमसी के बीच वर्तमान बाजार के आधार पर हिस्सेदारी के अनुरूप बांटा गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के लिए 58 फीसद, बीपीसीएल के लिए 27 फीसद और एचपीसीएल के लिए 15 फीसद कोटा तय किया गया है। 

जमाखोरों के खिलाफ होगा कड़ा एक्शन 

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति में एकसाथ मिलकर चलना चाहिए। कई लोग इस अवसर का लाभ कालाबाजारी करके उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि अगर कोई कालाबाजारी कर रहा है तो तुरंत उसकी शिकायत दें ताकि उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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