अगर आप भी वाहन के चालान से परेशान हैं, तो आप इस लोक अदालत का फायदा उठा सकते हैं। जानिये लोक अदालत में चालान के भुगतान से जुड़ी पूरी प्रक्रिया...

दिल्ली के वाहन चालकों के लिए अच्छी खबर है। राजधानी में 22 मार्च यानी रविवार को लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें ट्रैफिक चालानों का निपटारा जल्द और कम खर्च से हो सकेगा। विशेषकर, जिन लोगों के पास चालान से संबंधित मामले लंबे समय से लंबित पड़े हैं, वे इस लोक अदालत का लाभ उठाकर चालान से जुड़ी समस्या को पूरी तरह से खत्म कर सकते हैं। 

दिल्ली में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का निपटान करने के लिए 22 मार्च को सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक लोक अदालत आयोजित की जाएगी। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट, कड़कड़डूमा कोर्ट, पटियाला हाउस कोर्ट, रोहिणी कोर्ट, साकेत कोर्ट, द्वारका कोर्ट और राउज एवेन्यू कोर्ट के साथ-साथ हाईकोर्ट, उपभोक्ता आयोग और अन्य मंचों पर भी लोक अदालत आयोजित की जाएंगी। 

अगर आपका भी कोई ट्रैफिक चालान लंबे समय से लंबित पड़ा है तो आप इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। इस लोक अदालत का लाभ उठाने के लिए आपके पास संबंधित चालान या लंबित मामले की पूरी जानकारी होनी चाहिए। आपको सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे कि वाहन पंजीकरण, चालान की कॉपी, पहचान पत्र जैसे दस्तावेज पेश करने होंगे। अगर मामला लंबित है तो अदालत के पुराने नोटिस और दस्तावेज भी लाना न भूलें। इसके अलावा गाड़ी की आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस पेपर, पीयूसी प्रमाण पत्र और रजिस्ट्रेशन स्लिप या टोकन अवश्य लेकर जाएं। 

वाहन चालकों के लिए यह सलाह 

लोक अदालत के लिए टोकन 16 मार्च से शुरू हो चुके हैं। एक दिन में 50 हजार चालान डाउनलोड किए जा सकेंगे। टोकन डाउनलोड करने की कुल सीमा 2 लाख तय की गई है। वाहन चालक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट से डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। 

लोक अदालत के लिए ऐसे करें रजिस्ट्रेशन 

ट्रैफिक पुलिस या विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाना होगा 
अब लोक अदालत पंजीकरण पर क्लिक कर होगा 
अब गाड़ी का नंबर, चालान नंबर और मोबाइल नंबर भरना होगा
पंजीकरण के बाद टोकन या स्लिप को डाउनलोड कर लें। 

लोक अदालत में इन मामलों का होगा निपटारा 

लोक अदालत में कम खर्च में और आसानी से चालान से संबंधित मामले निपटाए जाएंगे। हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना, रेड लाइट जंप करना, गलत चालान, ओवर स्पीडिंग, पीयूसी प्रमाण पत्र न होना, गलत पार्किंग, ड्राइविंग लाइसेंस न होना, फिटनेस प्रमाण पत्र का न होना, गलत लेन में गाड़ी चलाना, नंबर प्लेट से जुड़े चालान का आसानी से निपटारा हो जाता है।