PM Modi: संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा से पहले दिल्ली के विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम पीएम मोदी भी शामिल हुए। पढ़िए पूरी खबर...

PM Modi: देश की संसद भवन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा से पहले दिल्ली के विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का आयोजन किया गया। पीएम मोदी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने जा रही है। ऐसा इतिहास जो अतीत की संकल्पनाओं को साकार करने का काम करेगा, जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करने का काम करेगा। एक ऐसे भारत का संकल्प जो समता मूलक हो, जहां पर सामाजिक न्याय न केवल एक नारा हो बल्कि हमारे कार्य संस्कृति का और हमारी निर्णय प्रक्रिया का भी हिस्सा हो।

"देश इक्कीसवीं सदी के अहम फैसलों में सबसे बड़ा निर्णय करने जा रहा है"

इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि देश की विकास यात्रा के इन अहम पड़ावों के बीच भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में एक निर्णय लेने जा रहा है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं बहुत ही जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि 21वीं सदी के सबसे जरूर निर्णयों में से एक निर्णय ये है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश की नारी शक्ति को समर्पित है। नारी शक्ति वंदना को समर्पित है।

कार्यक्रम में पीएम मोदी द्वारा कही गईं 10 बड़ी बातें

  • पीएम मोदी ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि देश इस समय बैसाखी के पर्व की उमंग में है। कल देश के अलग-अलग हिस्सों में नववर्ष मनाया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज जलियांवाला बाग के नरसंहार के वीर बलिदानियों को भी श्रद्धांजलि देता हूं।
  • पीएम ने आगे कहा कि सभी राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक के दशकों के प्रतीक्षा का समय 16,17 और 18 अप्रैल है। पीएम ने कहा कि साल 2023 में हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में यह पहला कदम उठाया था।
  • पीएम मोदी ने आगे कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदार हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे, इसके लिए 16 तारीख से संसद में बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है। उससे पहले आज नारी शक्ति वंदन का यह कार्यक्रम, जिसके जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं और बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है।
  • पीएम मोदी ने इस दौरान नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पहुंची महिलाएं को लेकर कहा कि आप सभी देश के कोने-कोने से यहां आईं है। आपकी इस उपस्थिति के लिए, इस जरूरी काम के लिए आपने जो समय निकाला है, उसके लिए मैं आप सभी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। साथ ही मैं भारत की सभी महिलाओं को एक नए युग के लिए बधाई देता हूं।
  • पीएम ने आगे कहा कि मैं यहां किसी को उपदेश देने या फिर जगाने के लिए नहीं आया हूं। मैं तो बस इस देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं।
  • पीएम ने आगे कहा कि देश की लोकतांत्रिक संरचना में नारी शक्ति के लिए आरक्षण की जरूरत को हर कोई दशकों से महसूस कर रहा था। उन्होंने आगे कहा कि इस विमर्श को करीब 4 दशक बीत गए हैं। इसमें सभी पार्टियों और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने इसे अपने-अपने तरीके से आगे बढ़ाने का काम किया है।
  • उन्होंने आगे कहा कि साल 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था। उस समय सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था और तब एक सुर में यह बात संसद में भी उठी थी कि यह अधिनियम हर हाल में 2029 तक लागू हो जाना चाहिए। पीएम ने विपक्ष की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे विपक्ष के सभी साथियों ने जोर लगाया था कि यह 2029 तक लागू हो जाना चाहिए।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार भी हमारी प्राथमिकता है कि ये काम संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि जिस प्रकार से अधिनियम को पारित किया गया था। ठीक उसी प्रकार से इस बार भी सबके सामूहिक प्रयास से संसद की गरिमा और नई ऊंचाइयों को छुएगी।
  • पीएम ने कहा कि इस समय हमारे देश की राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री जैसे अहम पदों पर महिलाएं हैं, उन्होंने देश की गरिमा और गौरव दोनों को बढ़ाने का काम किया है।
  • पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे देश में महिला नेतृत्व का एक बेहतर उदाहरण पंचायती राज संस्थाएं भी हैं। आज भारत में 14 लाख महिलाएं लोकल गवर्नमेंट बॉडीज में काम कर रही हैं। पीएम ने आगे कहा कि लगभग 21 राज्यों में पंचायती राज में उनकी भागीदारी करीब 50 फीसदी तक पहुंच चुकी है।