Salim Vastik: 26 फरवरी 2026 को सुबह करीब 8 बजे गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी (अली गार्डन) में एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर उनके दफ्तर में जानलेवा हमला हुआ। दो हमलावरों ने हेलमेट पहने बाइक से आकर तेज धार वाले हथियारों से उन पर हमला किया। हमलावरों ने खासतौर पर गर्दन पर 'सिर तन से जुदा' करने की नीयत से करीब 14 बार चाकू के वार किए। इसके अलावा पेट, पीठ और सीने पर भी कई वार हुए। हमले के बाद दोनों आरोपी मौके से भाग गए। CCTV फुटेज और पास के लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया। हमले का कारण सलीम के यूट्यूब वीडियो को बताया गया, जिनमें वे इस्लाम और कुछ मुस्लिम प्रथाओं की आलोचना करते थे। हमले के बाद सलीम वास्तिक की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। यूपी पुलिस ने अब उन्हें 24 घंटे की सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला लिया है ताकि भविष्य में कोई खतरा न हो।
हमले के तुरंत बाद सलीम को गंभीर हालत में पास के अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत बहुत नाजुक थी, इसलिए उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल रेफर किया गया। उन्होंने करीब एक महीने तक मौत से जंग लड़ी। पहले कुछ दिनों तक वे बेहोश रहे और 7 मार्च के आसपास होश में आए। डॉक्टरों ने बताया कि पूरी तरह स्वस्थ होने में अभी काफी समय लगेगा। हाल ही में सलीम को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और वे घर पहुंच गए हैं। घर लौटने के बाद भी उनकी हालत पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। उन्होंने हमले के बाद पहली बार बोलते हुए वीडियो जारी किया, जिसमें उनकी रिकवरी की प्रक्रिया दिख रही है।
पुलिस ने इस मामले में तेजी से एक्शन लिया। हमलावरों की पहचान जीशान और गुलफाम (दोनों सैफी भाई) के रूप में हुई। जीशान अमरोहा का रहने वाला था। हमले के कुछ दिनों बाद यूपी पुलिस ने दोनों का एनकाउंटर किया। जीशान को 1 मार्च 2026 को एनकाउंटर में गोली लगी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। गुलफाम (जीशान का बड़ा भाई) को 3 मार्च को इंदिरापुरम में मुठभेड़ में गोली लगी और बाद में उसकी भी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने पुलिस पर भी गोली चलाई थी, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे। दोनों आरोपियों पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पिता ने एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए लेकिन पुलिस ने इसे मुठभेड़ बताया।
हमले के बाद सलीम वास्तिक की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। यूपी पुलिस ने अब उन्हें 24 घंटे की सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला लिया है ताकि भविष्य में कोई खतरा न हो। सलीम के घर पहुंचने के बाद भी उनकी निगरानी की जा रही है। वे खुद को एक्स मुस्लिम बताते हैं और यूट्यूब पर अपनी राय रखते हैं। इस घटना ने एक्स मुस्लिमों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल खड़े किए हैं। सलीम अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं और रिकवरी में समय लगेगा, लेकिन वे धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं।