यह देवघर कोषाधार से जुड़ा चर्चित चारा घोटाला है। झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में आरोपी लालू प्रसाद यादव को जमानत दी थी। सीबीआई ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को मिली जमानत को चुनौती देने वाली सीबीआई की अपील पर आज सुनवाई की। सीबीआई की तरफ से दलील दी गई कि सजा निलंबित करने में कानून का गलत इस्तेमाल किया गया है। चूंकि जमानत का आदेश त्रुटिपूर्ण है, उन्हें राहत नहीं मिलनी चाहिए। माननीय अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अगली सुनवाई अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी है। 

झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती
यह देवघर कोषाधार से जुड़ा चर्चित चारा घोटाला है। झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में आरोपी लालू प्रसाद यादव को जमानत दी थी। सीबीआई ने झारखंड हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दलील रखी कि सजा निलंबित करने में कानून का गलत इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि यह जमानत सजा के बाद दी गई है, इसलिए यह आदेश कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण है। 

'अनावश्यक जल्दबाजी की जरूरत नहीं'
उधर, लालू प्रसाद यादव की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने सीबीआई की कई दलीलों का विरोध किया। कहा कि इस मामले में कई आरोपी हैं, लेकिन अभी तक कुछ को नोटिस भी जारी नहीं हुआ है। वहीं कुछ ने अपील कर जवाब दाखिल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर अनावश्यक जल्दबाजी की आवश्यकता नहीं है। 

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सुप्रीम कोर्ट ने की यह टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून के प्रश्नों से सभी पक्ष अच्छी तरह से अवगत हैं। अपील के अंतिम निपटारे के लिए तारीख तय की जा सकती है। पीठ ने कहा कि आरोपी की उम्र 60 से 80 साल के बीच की आयु वर्ग के हैं, इसलिए इस बात को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए अप्रैल में तय करते हुए इसे स्थगित कर दिया है।