पंजाब पुलिस ने आप विधायक लालजीत भुल्लर के साथ-साथ उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। लेकिन, भाजपा को पंजाब सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है। जानिये वजह?

पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी गगनदीप रंधावा के सुसाइड मामले में पंजाब पुलिस ने राज्य के पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गगनदीप रंधावा द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच मुख्य सचिव केएपी सिंह को सौंपी है। वहीं, भाजपा का कहना है कि पंजाब सरकार की जांच पर किसी को भरोसा नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्त शहजाद पुनावाला ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।  

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आप पार्टी को पाप पार्टी बताते हुए कहा कि पाप पार्टी ने दिल्ली में भ्रष्टाचार का पाप करने के बाद अब पंजाब में भ्रष्टाचार और अपराध का पाप किया है। उन्होंने कहा कि वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक को मंत्री के रिश्तेदार या सहयोगी को अवैध रूप से निविदा  लेने के लिए मजबूर किया गया। जब इनकार किया तो उन्हें प्रताड़ित किया गया। इसके परिणामस्वरूप उन्होंने आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि इस अधिकारी ने सुसाइड से पहले का वीडियो भी बनाया था। अब इन सबूतों के बावजूद भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल इस मंत्री को बचा रहे हैं क्योंकि उनका अरविंद केजरीवाल से बहुत करीब का रिश्ता है।

लालजीत भुल्लर का इस्तीफा दिखावा? 

मंत्री लालजीत भुल्लर के इस्तीफे पर कहा कि दिखावे के लिए केवल एक दो महीने के लिए इस इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। लेकिन वे निष्पक्ष जांच की अनुमति नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पंजाब सरकार की जांच पर किसी को भरोसा नहीं है। इसलिए भगवंत मान और केजरीवाल को जवाब देना चाहिए कि लालजीत भुल्लर को क्यों बचा रहे हैं।  

लालजीत भुल्लर के खिलाफ एफआईआर दर्ज 

इस बीच खबर सामने आई है कि अमृतसर पुलिस ने लालजीत भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर में कहा गया है कि टेंडर को एफसीआई से ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी तरीके से मंजूरी दी गई थी। बावजूद इसके आरोपियों ने अधिकारी गगनदीप रंधावा पर योग्यता को दरकिनार करते हुए मंत्री के पिता सुखदेव सिंह को ठेके देने पर दबाव डाला।

मंत्री के साथ ही उसके पीए दिलबाग सिंह ने भी कथित तौर पर व्हाट्सऐप कॉल करके धमकी दी। आरोपियों ने 13 मार्च को कथित तौर पर रंधावा को अपने आवास पर बुलाया और पिस्तौल से सिर पर वार किए। बंदूक की नोंक पर उन्हें एक बोलीदाता के पक्ष में दस लाख रुपये की रिश्वत लेने का झूठा वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए मजबूर किया। 

गगनदीप रंधावा ने 21 मार्च को किया सुसाइड 

बता दें कि इस कथित घटनाक्रम के एक सप्ताह बाद भी गगनदीप रंधावा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। नतीजा यह है कि 22 मार्च की सुबह उन्होंने आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले उन्होंने वीडियो मैसेज भी छोड़े हैं। इस वीडियो के वायरल होते ही सीएम भगवंत मान ने तुरंत एक्शन लेते हुए लालजीत भुल्लर से इस्तीफा मांगा और कैबीनेट ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। साथ ही मुख्य सचिव केएपी सिंह को आरोपों की जांच का निर्देश दिया है।