Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने एक ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इस रैकेट का नेटवर्क 5 राज्यों में फैला था। दिल्ली पुलिस न सिर्फ इन 7 लोगों को गिरफ्तार किया है बल्कि इनके पास से 50 करोड़ रुपए का मादक पदार्थ भी बरामद किया है। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और सप्लायरों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि पुलिस ने 5 राज्यों में फैले एक ड्रग तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े 7 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। साथ ही उनके पास से 48 किलोग्राम साइकोट्रपिक पदार्थ भी बरामद किया है। जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ के आसपास है। पुलिस के मुताबिक, यह सिंडिकेट कथित तौर पर साइकोट्रॉपिक दवाओं को बनाने में प्रयोग होने वाले कच्चे माल को खरीदने का काम करता था। इतना ही नहीं यह लोग कई राज्यों में बिना प्रिस्क्रिप्शन के रीपैकेजिंग और अवैध बिक्री के लिए बने ड्रग्स की सप्लाई करने का काम करता थे।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल, यूपी और उत्तराखंड में चलाए गए ऑपरेशन की एक सीरीज के तहत लोकल डिस्ट्रीब्यूटर्स से लेकर इंटर स्टेट तस्करों तक फैले इस सप्लाई चैन को खत्म करने का काम किया गया है। इसकी जांच की पिछले साल सितंबर से शुरू हुई थी जब पुलिस साइकोट्रॉपिक पदार्थ की एक बड़ी खेप की आवाजाही के बारे में जानकारी हासिल हुई थी।
इसकी जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने लाजपत नगर से एक संदिग्ध अनिरुद्ध राय को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी अनिरुद्ध के पास से करीब 2 किलो ट्रामाडोल बरामद किया था। यह एक ओपिओइड पदार्थ है, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत बहुत ज्यादा रेगुलेटेड है। पुलिस के सीनियर अधिकारी के मुताबिक इसके बाद कई राज्यों में मानव इंटेलिजेंस और टेक्निकल जांच के आधार पर इसमें एक बड़े सिंडिकेट के शामिल होने की खबर मिली, जिसके बाद पुलिस ने देश के कई राज्यों में छापेमारी की।
कार्रवाई करते हुए पुलिस ने यूपी से मनोज राय को गिरफ्तार किया, जिनसे पुलिस पूछताछ में दिल्ली के किशनपाल का नाम लिया और बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया और आरोपी के घर से 503 ग्राम अलप्राजोलम बरामद किया। पुलिस ने कार्रवाई जारी रखते हुए कृष्ण तंवर को गिरफ्तार किया, आरोपी मनोज कुमार को हरियाणा के सिंघु बॉर्डर के पास से पकड़ा और इसके बाद आरोपी प्रशांत और अमित को पुलिस ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है।