जम्मू में अपनी दस वर्षीय बेटी की हत्या करने वाले आरोपी पिता को आखिरकार दबोच लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के भाटी माइंस स्थित संजय कॉलोनी इलाके से हिरासत में लिया है। पूछताछ में उसने खुद को राजवीर बताया और किसी भी अपराध में संलिप्त होने से इनकार करता रहा। लेकिन पुलिस ने जब सबूतों के साथ उसके साथ सख्ती से पूछताछ की गई, तो वह टूट गया। बहरहाल, दिल्ली पुलिस ने आरोपी को जम्मू पुलिस के सुपुर्द कर दी है। आगे की कार्रवाई जम्मू की गांधी नगर पुलिस करेगी।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, द्वारका क्राइम ब्रांच की WR-II टीम अंतरराज्जीय अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। जम्मू पुलिस से 2016 के हत्याकांड को सुलझाने के लिए आग्रह किया था। जम्मू पुलिस ने बताया कि मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के झिकमऊ गांव निवासी रमेश कुमार ने 2016 में अपनी दस साल की बेटी पर लाठी से हमला किया था। उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था और उसे लगता था कि बेटी उसकी नहीं है। इसी गुस्से में उसने अपनी बेटी पर जानलेवा हमला कर दिया।
बुरी तरह से घायल बेटी को जब अस्पताल ले जाया गया, वहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। जम्मू पुलिस ने बताया कि अपराध करने के बाद आरोपी जम्मू से फरार हो गया है। वह कई सालों से फरार है। जम्मू पुलिस ने आशंका जताई कि आरोपी दिल्ली में हो सकता है। इस पर द्वारका क्राइम ब्रांच की WR-II टीम ने आरोपी को पकड़ने के प्रयास शुरू कर दिए। जांच में पता चला कि आरोपी रमेश कुमार ने अपना नाम राजबीर रख लिया है और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के भाटी माइंस स्थित संजय कॉलोनी इलाके में रह रहा है। इस पर क्राइम ब्रांच ने उसके घर पर दबिश दी और हिरासत में ले लिया।
आरोपी को जम्मू पुलिस के हवाले किया
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा द्वारा विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें एएसआई जितेंद्र, हेड कांस्टेबल मयंक, कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल हरदीप और वर्क कांस्टेबल काजल शामिल थे। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत ने किया और एसीपी/डब्ल्यूआर-II राज पाल डबास ने इसकी निगरानी की।
पुलिस ने बताया कि आरोपी रमेश कुमार को जम्मू पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। जम्मू पुलिस ने उसे आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कार्रवाई जम्मू की गांधी नगर पुलिस करेगी। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा ने बताया कि इतने लंबे समय के बाद आरोपी की गिरफ्तारी इस मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता है और संबंधित पुलिस अधिकारियों को अपराधी को न्याय के कटघरे में लाने में मदद करेगी।










