Delhi Drain Project: दिल्ली में जलभराव की समस्या से छुटकारा पाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के 9 इलाकों में स्टॉर्म वाटर ड्रेन की बड़ी रीमॉडलिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने के बाद 9 इलाकों में ड्रेनेज सिस्टम मजबूत हो जाएगा। बताया जा रहा है कि इस काम को पूरा करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, ड्रेन परियोजना को न्यू मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत प्रशासनिक और खर्च को लेकर सहमति दी गई है, जिसकी कुल लागत 177 करोड़ रुपये से ज्यादा है। परियोजनाओं के तहत पुराने और जर्जर ड्रेनों को आधुनिक प्रीकास्ट RCC तकनीक से फिर से बनाया जाएगा। इससे ड्रोनों की क्षमता बढ़ेगी, पानी के बहाव में सुधार होगा और निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा।
इन इलाकों में होगा काम
- ज्ञान शक्ति मंदिर मार्ग
- छोटूराम मार्ग
- कैंप चौक से आजादपुर एच-पॉइंट (मॉल रोड)
- सुल्तानपुरी-नांगलोई रोड
- रोहिणी सेक्टर 16 और 17
- जैन नगरी-रोहिणी सेक्टर 22
- महाराजा अग्रसेन मार्ग
- सुल्तानपुरी-जगदंबा रोड और पुलिस स्टेशन रोड सुल्तानपुरी समेत कई ऐसी सड़कें हैं, जहां पर ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है। ऐसे में सरकार द्वारा इन इलाकों में बरसाती पानी निकासी के लिए योजना तैयार की गई है।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने क्या कहा ?
PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में लंबे समय से चल रही ड्रेनेज समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रतिबतद्ध है। बरसाती मौसम में कई इलाकों में जलभराव की समस्या हो जाती है, जिसकी वजह से सड़क हादसों की संभावना बढ़ जाती है। लोगों को सफर के दौरान काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत ये परियोजनाएं दिल्ली के स्टॉर्म वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के मुताबिक विभाग द्वारा उन एरिया को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां मानसून के वक्त जलभराव की समस्या ज्यादा देखी जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या देखने को ना मिले। ये परियोजनाएं राजधानी के लिए एक मजबूत और सक्षम ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने की दिशा में एक बेहतर कदम है। ऐसे में सबसे ज्यादा जलभराव वाली जगहों को चुना गया है।










