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Delhi Hospital Facility: दिल्लीवासियों के लिए तीन महीनों के अंदर नगर निगम के अस्पतालों में ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू होने वाली है। इस सुविधा के आने के बाद लोगों को लाइनों में घंटों खड़ा नहीं होना पड़ेगा।

Delhi Hospital Facility: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अस्पतालों में अभी तक लोगों को लंबी लाइनों में खड़े रहकर अपना नंबर आने के लिए घंटों खड़ा रहना पड़ता था, लेकिन अब से निगम के आठ बड़े अस्पतालों में तीन महीने के अंदर ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू होने जा रही है। आपको बता दें कि निगम के अस्पतालों में ऐसी व्यवस्था पहली बार लागू होने जा रही है। इस ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा का मरीजों को सबसे बड़ा फायदा यह मिलेगा कि उनकी बीमारी से जुड़ा डेटा निगम के पास होगा। साथ ही, मरीज को अब अपनी पर्ची रखने की भी जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, निगम के अस्पतालों में मरीज को ई-फार्मेसी और ई-लैब की सुविधा भी मिलेगी। 

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और डिस्पेंसरी में रोजाना 25 हजार मरीज आते हैं। निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि निगम के सभी हॉस्पिटल , शहरी प्राथमिक केंद्रों और डिस्पेंसरी में इलाज कराने के लिए हर रोज 25 हजार से ज्यादा मरीज आते हैं। ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा लागू होने से इलाज कराने में कम समय लगेगा। अस्पतालों में ई-रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू होने के आठ महीने बाद शहरी प्राथमिक केंद्रों और डिस्पेंसरी में भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी। 

इन अस्पतालों में मिलेगी राहत

 - हिंदू राव अस्पताल, मल्कागंज
- स्वामी दयानंद अस्पताल, दिलशाद गार्डन
- कस्तूरबा अस्पताल, दरियागंज
- राजन बाबू इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन एंड ट्यूबरक्लोसिस ( आरबीआईपीएमटी) जीटीबी नगर 
- महार्षि वाल्मीकि संक्रमण रोग अस्पताल, टैगोर पार्क एक्सटेंशन, मुखर्जी नगर 
- गिरधारी लाल मैटरनिटी अस्पताल, कमला मार्केट, अजमेरी गेट 
- माता गुजरी अस्पताल, तिलक नगर
- बालक राम अस्पताल, तिमारपुर

ई-रजिस्ट्रेशन पर देनी होगी मरीज की ये सभी जानकारी 

अगर आप भी  ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको अपने मरीज की जानकारी देनी होगी। ई-रजिस्ट्रेशन पर आपको मरीज का नाम, मोबाइल नंबर, घर का पता और बीमारी से जुड़ी जानकारी देनी होगी। इसके बाद आपको रजिस्ट्रेशन का नंबर मिल जाएगा। इन सभी चीजों की जानकारी देने के बाद आपको ई-रजिस्ट्रेशन का नंबर बताकर आप डॉक्टर को दिखा सकते हैं। 

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