Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी के मेट्रो स्टेशनों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एक आदेश दिया है। कोर्ट का आदेश है कि मेट्रो के पास की अवैध दुकानों और गंदगी को खत्म किया जाए। कोर्ट ने कहा कि मेट्रो देश की राजधानी की शान है और इसे अवैध कब्जों और गंदगी से खराब नहीं किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति अमित बंसल ने सरोजिनी नगर मेट्रो स्टेशन के बाहर अवैध दुकानों और रेहड़ी पटरी वालों को हटाने के आदेश दिए हैं, जिससे कि यात्रियों को आने-जाने में दिक्कत न हो। साथ ही मुख्य न्यायाधीश ने आश्रम मेट्रो स्टेशन की पास की दीवार पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं।
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 अलग-अलग याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए सुनवाई की है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के रास्तों को गंदा और बाधित करने वालों के खिलाफ सख्ती बर्ती जाए। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा मेट्रो दिल्ली की पहचान है और दिल्ली की मेट्रो स्टेशनों को अवैध दुकानदारों और स्टेशनों के बाहर गंदगी फैलाकर उन्हें गंदा करने का काम किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा इस पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस अमित बंसल की पीठ ने सरोजनी नगर मेट्रो स्टेशनों के आस-पास से अवैध दुकानों को हटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र उपाध्याय की पीठ ने आश्रम मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 3 के पास दीवारों पर पेशाब कर गंदगी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने संबंधित विभाग को आदेश दिया है कि 4 महीने के अंदर वहां एक सार्वजनिक शौचालय बनाया जाए।
यह याचिका सरोजनी नगर मार्केट शॉपकीपर एसोसिएशन की तरफ से वकील अनुज अग्रवाल ने दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि सरोजनी नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 और 2 के बाहर अवैध दुकानदारों ने पूरी तरह से कब्जा कर रखा है। याचिका में आगे कहा गया कि इन दुकानदारों की वजह से मेट्रो में आने वाले और बाहर जाने वाले लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।