Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2021 के हत्याकांड में शामिल आरोपी को जमानत दे दी है। इसके अलावा कोर्ट ने अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल चाकू की बरामदगी को लेकर भी सवाल खड़ा कर किया है। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के इस दावे पर संदेह जताया है कि उसने 1 जुलाई, 2021 को अपराध होने के करीब 5 महीने बाद एक मेट्रो पिलर के पास से हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद किया था।
कोर्ट का कहना है कि 'यह जानकर कोई भी हैरान हो सकता है कि, क्या चाकू उस खुली जगह पर करीब 5 महीने तक पड़ा होगा और आरोपी द्वारा बरामद कराए जाने का इंतजार कर रहा होगा।'
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने 2021 का एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग मामले में आरोपी अंग्रेज चौधरी को नियमित जमानत दे दी है। इस मामले में आरोप था कि मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी ने फरवरी 2021 में अपने पति की हत्या के लिए आरोपी को सुपारी दी थी। जस्टिस गिरीश कठपालिया का कहना है कि यह सोचना हैरान करने वाला है कि चाकू इतने समय तक वहां पड़ा रहकर बरामद होने का इंतजार करता रहा।
हत्या में इस्तेमाल हथियार पर सवाल
कोर्ट को अभियोजन पक्ष के सबूतों में कई बड़ी कमियां देखने को मिली है। बता दें कि चौधरी जून 2021 से एक सुपारी लेकर की गई हत्या में शामिल होने के मामले में जेल में बंद था। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के सबूतों में बड़ी कमियों का जिक्र किया है। अदालत ने खासतौर से हत्या में इस्तेमाल कथित हथियार की बरामदगी के पीछे उसके तर्क को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।









