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दिल्ली में प्रदूषण और यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली सरकार ने 10 हजार बस मार्शलों को फिर से काम पर लगाने और फरवरी तक स्थायी नियुक्ति का फैसला लिया है।

Delhi CM Atishi on DTC Bus Marshals: दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ अभियान में 10,000 बस मार्शलों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को नियुक्त करने का फैसला लिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। सोमवार से बस मार्शलों की कॉल आउट प्रोसेस शुरू होगी, और प्रदूषण रोकथाम की इस कोशिश में उनकी भूमिका अहम होगी।

बस मार्शलों को जल्द मिलेगा स्थायी रोजगार

आतिशी ने घोषणा की कि बस मार्शलों को फरवरी तक अस्थायी रोजगार दिया जाएगा, जिसके बाद उनकी स्थायी नियुक्ति के प्रस्ताव को उपराज्यपाल के पास भेजा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही बस मार्शलों को नियमित किया जाएगा, ताकि वे लंबी अवधि के लिए रोजगार पा सकें और उनकी कंडीशन स्टेबल हो सके।

डीएम ऑफिस में शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

बस मार्शलों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स का रजिस्ट्रेशन मंगलवार से दिल्ली के डीएम ऑफिस में शुरू होगा। बस मार्शल महिलाओं के साथ छेड़छाड़ रोकने, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित यात्रा कराने और बसों में अनुशासन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

आखिर क्यों हटाए गए थे मार्शल?

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाया कि 2018 में केजरीवाल सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) बसों में मार्शलों की नियुक्ति की थी। लेकिन बीजेपी सरकार ने अप्रैल 2023 में षड्यंत्र करके 10 हजार बस मार्शलों की तनख्वाह रोक दी और फिर अक्टूबर 2023 में उन्हें नौकरी से निकाल दिया था।

प्रदूषण कंट्रोल करने में मार्शलों की अहम भूमिका

दिल्ली सरकार ने यह फैसला शहर में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ उठाया है, जिसमें बस मार्शलों की मदद से यात्रियों को एक सुरक्षित और स्वच्छ परिवहन अनुभव की सुविधा उपलब्ध करना भी शामिल है।

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