Delhi Water Tank Incident: दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां पर एक निर्माणाधीन मकान में खुले पानी के टैंक में गिरकर 9 साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है। पुलिस परिजन की शिकायत पर केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक बच्चे की पहचान 9 साल के श्रेयांश के तौर पर हुई है। श्रेयांश तुगलकाबाद गांव में MCD स्कूल में क्लास चौथी में पढ़ता था। पुलिस का कहना है कि श्रेयांश के पिता सुरेंद्र तुगलकाबाद गांव में चाय की दुकान चलाते हैं। सुरेंद्र के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा 11 वर्षीय बेटी राशि उर्फ परी और श्रेयांश हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि 8 अप्रैल को श्रेयांश स्कूल गया था, उसी दिन दोपहर में पिता दवाई लेने गए थे, इसलिए श्रेयांश की बहन उसे स्कूल से लेने गई थीं।
दोस्तों के साथ खेलने गया था श्रेयांश
स्कूल से निकलने के बाद रास्ते में राशि उसका बैग लेकर आगे चल रही थी, जबकि जबकि श्रेयांश अपने 2 दोस्तों के साथ पीछे आ रहा था। राशि घर आ गई, लेकिन श्रेयांश उसके साथ नहीं आया। ऐसे में राशि को लगा कि श्रेयांश दोस्तों के साथ खेलने रुक गया होगा।
थोड़ी देर बाद श्रेयांश के पिता घर लौट आए और उन्हें बेटा घर नहीं मिला, बेटी से पूछताछ के बाद पिता ने श्रेयांश की तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं लगा। दोपहर करीब सवा 1 बजे श्रेयांश के साथ पढ़ने वाले स्टूडेंट साहिल घर आया, और उसने परिजन को मामले के बारे में बताया।
श्रेयांश के दोस्त ने परिजन को दी सूचना
साहिल ने श्रेयांश के परिजन को बताया कि वह एक निर्माणाधीन मकान में पानी के टैंक में गिर गया है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। उसके बाद पिता ने लकड़ी के फट्टे के सहारे टैंक में उतरकर बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मकान के अंदर था अंधेरा-परिजन
पुलिस पूछताछ में परिजनों ने बताया कि निर्माणाधीन मकान के अंदर अंधेरा था, और वहां पर कोई सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं थी, टैंक के पास श्रेयांश की चप्पल पड़ी मिली। पिता सुरेंद्र के मुताबिक, जिन बच्चों के साथ श्रेयांश खेल रहा था, उनमें से एक के पिता उसी निर्माणाधीन मकान में राजमिस्त्री का काम करते हैं।
जिसके चलते बच्चे वहां खेलने चले गए। परिजनों का आरोप है कि अगर मौके पर कोई सुरक्षाकर्मी होता या एंट्री रोकने के लिए गेट लगाया गया होता, तो यह हादसा नहीं होता। पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माणाधीन स्थल पर सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है, दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










