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DDA Survey Report: दिल्ली में माफियाओं का राज बढ़ता जा रहा है। दिल्ली से आए दिन अतिक्रमण की खबर सामने आती है, जिस पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन अगर अवैध कब्जा इतने बड़े पैमाने पर, तो फिर क्या किया जाए। डीडीए की रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है, उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कुछ बड़ा होने वाला है। डीडीए की सर्वे में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में कुल 7362 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा है और कोर्ट इस अतिक्रमण को हटाने का आदेश दे चुकी है। यहां विस्तार से समझिए पूरा मामला।
75 फीसदी जमीन पर अवैध कब्जा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अतिक्रमण के मामले यमुना क्षेत्र से सामने आया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण अर्थात डीडीए ने यमुना खादर क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर सर्वे किया था, जिसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली है। इस रिपोर्ट के मुताबिक यमुना के खादर क्षेत्र वाले ‘जोन O’ में कुल 9,700 हेक्टेयर जमीन है और आपको जानकर हैरानी होगी कि उनमें से 7,362.56 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण हो गया है। यह आंकड़े करीब 75 फीसदी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इसी साल के 27 मार्च को डीडीए को आदेश दिया था कि वह यमुना क्षेत्र के जोन 'O' में अवैध कब्जा का पता लगाए, जिसके बाद डीडीए ने ये सर्वे किया और हैरान रह गई।
कोर्ट ने दिए अतिक्रमण हटाने के आदेश
डीडीए ने इस सर्वे के लिए सैटेलाइट इमेजरी’ और ‘ड्रोन फोटोग्राफी’ जैसी नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल किया और रिपोर्ट सौंपी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई को प्राधिकरण को आदेश देते हुए कहा था कि यमुना नदी के किनारे, नदी के तल और नदी में बहने वाले नालों पर सभी अवैध कब्जे को हटा दिया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद डीडीए अतिक्रमण हटाने वाली संबंधित एजेंसियों से संपर्क करेगी और कार्रवाई की जाएगी। बीती शुक्रवार को डीडीए, एमसीडी और सर्वे ऑफ इंडिया ने इस मार्ग की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए ड्रोन सर्वेक्षण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।
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