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सीबीआई ने सीआर पार्क पुलिस स्टेशन में तैनात एएसआई को दस लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। अब इस मामले में एक एसएचओ की भूमिका संदिग्ध पाई जा रही है।

दिल्ली में दस लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में पकड़े गए एएसआई ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि इस रिश्वतखोरी के मामले में दिल्ली पुलिस के एक थाना प्रभारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई जा रही है। बहरहाल, सीबीआई मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह में जाकर जांच की जाएगी और इस रिश्वतखोरी के मामले में लिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई ने सीआर पार्क पुलिस स्टेशन में तैनात एएसआई को दस लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। आरोपी ने संपत्ति विवाद सुलझाने के लिए शिकायतकर्ता प्रेम सूद से 25 लाख रुपये मांगे थे। प्रेम सूद लीगल कंस्लटेंट के तौर पर काम करते थे। एएसआई ने उन्हें धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो वही कानूनी पचड़े में फंसेंगे। एएसआई की इस धमकी के बाद प्रेम सूद ने 10 फरवरी 2026 को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी को पकड़ने के लिए सीबीआई ने जाल फंसाया। आरोपी एएसआई रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 10 लाख रुपये लेने के लिए राजी हो गया। जैसे ही शिकायकर्ता ने उसके हाथों में पैसे थमाए, सीबीआई ने धावा बोला और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। 

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में खुलासा हुआ कि कैलाश कॉलोनी निवासी प्रेम सूद का अपने भाई सुरेश कुमार सूद से प्रॉपर्टी विवाद चल रहा है। एएसआई सुंदर पाल पहले कैलाश कॉलोनी थाने में तैनात था। यहीं उसकी मुलाकात प्रेम सूद से हुई थी। जब एएसआई को पता चला कि प्रेम सूद अकेले घर में रहते हैं, तो उसने घर हड़पने की योजना बनाई। 

आरोप के मुताबिक, एएसआई ने प्रेम को दविंद्रर सलवान से मिलवाया, जो संपत्ति खरीदने का इच्छुक था। प्रेम और सालवन के बीच 2025 में लीगल एग्रीमेंट हुआ। सलवान ने प्रेम के खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा किए, लेकिन पूरी राशि नहीं दी। इसके बाद एएसआई एक नए खरीदार को लेकर आया, जिसका नाम अमित वर्मा था। उसने संपत्ति खरीदने के लिए 6.7 करोड़ रुपये की पेशकश की। इसके बाद एएसआई ने प्रेम सूद से सलवान के साथ समझौता रद्द कराने के लिए ढाई करोड़ रुपये लेने की बात कही। साथ ही, कमीशन के तौर पर 25 लाख रुपये भी मांगे। आरोप के मुताबिक, एएसआई सुंदर पाल ने धमकी दी कि अगर रिश्वत नहीं दी तो फर्जी केस में फंसा देगा। अधिकारियों ने बताया कि इस धमकी के बाद ही प्रेम सूद ने सीबीआई के पास शिकायत भेजी थी। 

एसएचओ की भूमिका संदिग्ध 

मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया जा रहा है कि एएसआई सुंदर पाल कैलाश कॉलोनी थाने में तैनात था। इसके बाद सीआर पार्क पुलिस स्टेशन में तैनात था। थाना बदले जाने के बाद भी सुंदर पाल का कैलाश कॉलोनी थाने से मोह बना रहा। आरोप है कि वह प्रेम सूद को एक एसएचओ के घर भी ले गया था ताकि उन्हें दर्शा सके कि थाना बदले जाने के बाद भी उस इलाके में उसका खासा रसूख है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि सुंदर पाल की संपत्ति की जांच हो सकती है। साथ ही, इस मामले में लिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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