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देशभर में कोरोना वारयस के नए वेरिएंट ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर बेड और अन्य आवश्यकताओं की फिर से समीक्षा शुरू कर दी है।

Delhi: देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच 2023 के अंत में जेएन.1 वेरिएंट ने चिंताएं एक बार फिर बढ़ा दी हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार ने इस पर नजर रखने के साथ ही जांच बढ़ाने की योजना बनाई है। वहीं, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर बेड और अन्य आवश्यकताओं की फिर से समीक्षा की जा रही है। डॉक्टरों ने लोगों को मास्क पहनने, भीड़-भाड़ से बचने और स्वस्थ आहार लेने की सलाह दी है।


दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि सरकार इस मुद्दे से निपटने के लिए पूरी तरह से सतर्क है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शहर सरकार जीनोम अनुक्रमण बढ़ाएगी। भारद्वाज ने हाल ही में यह भी कहा था कि लोगों को घबराना नहीं चाहिए। मंत्री ने कहा था कि सावधान और सतर्क रहकर आप संक्रमण को फैलने से रोक सकते हैं।

दिल्ली में लोगों के चेहरे पर लौटा मास्क

अधिकारियों ने बेहतर स्थिति को देखते हुए पिछले वर्ष मास्क पहनने की अनिवार्यता को हटा दिया था, लेकिन नए वेरिएंट पर बढ़ती चिंता के बीच दिल्ली में कई लोगों के चेहरे पर मास्क फिर से लौट आया है। नए साल में एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में लोगों को मास्क पहने देखा जा सकता है। भीड़-भाड़ वाले मेट्रो कोचों में कई यात्रियों को अब संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहने या हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करते देखा जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने किया अस्पतालों का निरीक्षण

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों का दौरा किया। भारद्वाज ने 21 दिसंबर को दो अस्पतालों का निरीक्षण किया और कहा कि किसी को भी वीआईपी सुविधा नहीं दी जाएगी। उन्होंने पूर्वी दिल्ली में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल और डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान का औचक निरीक्षण किया। भारद्वाज ने 14 दिसंबर को शहर के चार सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया था और एक अस्पताल में साफ-सफाई में लापरवाही के लिए प्रशासन को फटकार लगाई थी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था।

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