CM Rekha Gupta: राजधानी दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने गुरुवार को 24 नई अटल कैंटीनों का उद्घाटन किया। इस दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि शहर में कोई भूखा न सोए।

CM Rekha Gupta: दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी में 24 नई अटल कैंटीनों का उद्घाटन किया। यह उद्घाटन कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल तरीके से किया गया। इस कदम के साथ दिल्ली में अटल कैंटीनों की कुल संख्या बढ़कर 70 हो गई है। यह योजना शहर के शहरी गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को किफायती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, ताकि दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। योजना का मुख्य फोकस गरीबों को सम्मान के साथ भोजन प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को बहुत तेज गति से पूरा करने के लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के अधिकारियों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अधिकारियों ने कम समय में ही इस महत्वपूर्ण काम को अंजाम दिया, जो सराहनीय है। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों से पूरी तरह मेल खाती है। दोनों नेताओं के विचारों में गरीबों के कल्याण और समाज में कोई भूखा न रहे, इस संकल्प को प्रमुखता दी गई है। मुख्यमंत्री ने इस योजना को उनके विजन का व्यावहारिक रूप बताया।

अटल कैंटीन योजना दिल्ली सरकार की एक बड़ी पहल है, जिसके तहत मात्र 5 रुपये में पौष्टिक और गर्म थाली उपलब्ध कराई जाती है। भोजन की वास्तविक लागत करीब 30 रुपये है, जिसमें सरकार 25 रुपये प्रति थाली की सब्सिडी देती है। इन कैंटीनों में स्वच्छता, गुणवत्ता और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाता है। CCTV कैमरों से निगरानी की जाती है और DUSIB के प्लेटफॉर्म से रियल-टाइम मॉनिटरिंग होती है। योजना का लक्ष्य 100 अटल कैंटीनें स्थापित करना है, जिससे रोजाना हजारों लोगों को लाभ मिल रहा है। अब 70 कैंटीनों से प्रतिदिन करीब 70,000 भोजन परोसे जा रहे हैं।

यह योजना न केवल भोजन की समस्या हल करती है, बल्कि जरूरतमंदों में आत्मसम्मान और सुरक्षा की भावना भी जगाती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बार-बार दोहराया है कि दिल्ली सरकार का संकल्प है कि हर मेहनतकश व्यक्ति को सम्मानजनक तरीके से पौष्टिक भोजन मिले। यह कदम अंत्योदय के सिद्धांत पर आधारित है, जहां समाज के सबसे कमजोर वर्ग को प्राथमिकता दी जाती है। योजना की सफलता से दिल्ली में गरीबी और भुखमरी से लड़ाई में एक मजबूत हथियार मिला है, और यह तेजी से विस्तार पा रही है।