Delhi Government: दिल्ली सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को सचिवालय में हुई बैठक के बाद खुद इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली के हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन और बराबर मौके देने के लिए काम कर रही है। ट्रांसजेंडर समुदाय लंबे समय से समाज के हाशिए पर रहा है और पैसे की कमी से उनकी आवाजाही प्रभावित होती है। इस योजना से उनकी जेब पर बोझ कम होगा और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी।
यह सुविधा ठीक उसी तरह लागू होगी जैसे महिलाओं के लिए 'पिंक टिकट' या 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' से मुफ्त सफर चल रहा है। दिल्ली में रहने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्ति, जिनके पास जरूरी दस्तावेज हैं, इस योजना का फायदा उठा सकेंगे। बस में चढ़ते समय कंडक्टर उन्हें विशेष टिकट देगा, जिसका खर्चा सरकार उठाएगी। यह सुविधा डीटीसी और क्लस्टर बसों के सभी रूटों पर लागू होगी, चाहे साधारण बस हो या एसी। दिल्ली सरकार द्वारा जारी ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट या कोई आधिकारिक पहचान पत्र दिखाकर यह लाभ मिलेगा। कार्ड आजीवन वैध रहेगा और बिना किसी सीमा के असीमित मुफ्त यात्रा की अनुमति देगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से ट्रांसजेंडर लोगों पर आर्थिक दबाव कम होगा और बसों में उनकी मौजूदगी बढ़ने से समाज का नजरिया भी बेहतर बनेगा। ट्रांसजेंडर अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सेवाओं तक पहुंचने के लिए परिवहन बहुत जरूरी है और इसे मुफ्त करना सराहनीय कदम है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, डेटाबेस में करीब 1,200 ट्रांसजेंडर मतदाता दर्ज हैं, लेकिन असल संख्या इससे ज्यादा मानी जाती है।