A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Undefined variable $summary
Filename: widgets/story.php
Line Number: 3
Backtrace:
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme
File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp
File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once
Ballimaran Assembly Seat: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पांच फरवरी को मतदान होने हैं। ऐसे में बल्लीमारान एक ऐसी सीट है, जो कई मायनों में अलग है। पहला तो ये कि इस सीट पर पांच बार कांग्रेस नेता हारुन यूसुफ ने चुनाव जीता और वो शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे। वहीं पिछले दो बार से यहां आम आदमी पार्टी चुनाव जीत रही है। इमरान हुसैन ने दोनों बार यहां जीत हासिल की और दोनों बार आप सरकार के कैबिनेट मंत्री बने। वहीं उर्दू-फारसी के बड़े शायर मिर्जा गालिब भी इसी विधानसभा से आते हैं।
कांग्रेस के गढ़ में आप ने लगाई सेंध
बता दें कि उर्दू-फारसी के बड़े शायर असदुल्लाह बेग खान यानी मिर्जा गालिब बल्लीमारान विधानसभा सीट की कासिम जान गली में रहते थे। इसके अलावा इसी सीट पर दिल्ली भाजपा का पहला प्रदेश ऑफिस भी खुला। हालांकि इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी को इस सीट पर कभी जीत नहीं मिली। किसी समय में मुस्लिम बहुल बल्लीमारान सीट को कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था। हालांकि साल 2015 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद समीकरण कुछ यूं बदले कि कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाकर आम आदमी पार्टी ने यहां से दो बार जीत हासिल की।
ये भी पढ़ें: कौन हैं रविंद्र सिंह नेगी, जिनके PM मोदी ने 3 बार पैर छूकर चौंकाया; वीडियो वायरल
कौन सी पार्टी ने किसे दिया टिकट
कांग्रेस नेता हारुन यूसुफ यहीं से 5 बार चुनाव जीते और शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे। पिछले दो बार से इमरान हुसैन जीत रहे हैं। वहीं इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर हारुन यूसुफ पर भरोसा जताया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर इमरान हुसैन को बल्लीमारान से चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं अब तक इस सीट पर खाता न खोल पाई भारतीय जनता पार्टी ने यहां से पार्षद कमल बागड़ी को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा है।
पांच बार कांग्रेस और दो बार आप ने जीता बल्लीमारान
इस विधानसभा में चांदनी चौक के कुछ इलाके, मिर्जा गालिब का इलाका गली कासिम जान, चावड़ी बाजार के कुछ हिस्से, लाल दरवाजा, कूचा पंडित, ईदगाह रोड, कुतुब रोड, लाल कुआं, फर्शखाना, रोदग्रान, हवेली हैदर कुली, गली नीम हवेली जैसे इलाके आते हैं। घनी आबादी और संकरी गलियों वाले बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र में कई बड़े बाजार आते है, जहां दूर-दूर से लोग आते हैं। बाजारों की गलियां भी काफी संकरी हैं, जहां पैदल चलना भी दुश्वार है।
ये भी पढ़ें: बवाना रैली में राहुल गांधी का केजरीवाल और मोदी पर तीखा हमला, कहा- झूठे वादे करना इनकी फितरत
क्या हैं इस इलाके की समस्याएं
बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र में पानी की समस्या दशकों से एक बड़ी समस्या रही है। इसके अलावा सड़कों की स्थिति बेहद खराब है, जिसके कारण जाम लगना भी एक बड़ी समस्या है। जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे हैं। व्यापारी बुनियादी समस्याओं से काफी परेशान हैं। सुरक्षा व्यवस्था भी काफी खराब है। इस इलाके में आए दिन चोरी की खबरें सुनाई देती रहती हैं। फायर सेफ्टी को लेकर भी व्यापारियों में आक्रोश रहता है और यहां के सरकारी स्कूलों की हालत भी बेहद खराब है। स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है, जिनकी मरम्मत भी नहीं कराई जा रही। वहीं इस विधानसभा में थोड़ा सा हिस्सा जीबी रोड इलाके का भी आता है, जो देह व्यापार के लिए जाना जाता है। यहां काम करने वाली सेक्स वर्कर्स का कहना है कि वे भी आम लोगों की तरह चुनाव में वोट देती हैं लेकिन उन्हें अनदेखा किया जाता है। नेता चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और बिजली, पानी और बेसिक जरूरतों के लिए वादे करते हैं और फिर गायब हो जाते हैं।
क्या कहते हैं चुनावी समीकरण
वोट फीसदी की बात करें, तो बल्लीमारान विधानसभा सीट पर 50 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम आबादी है। बाकी आबादी हिंदुओं की है लेकिन जातीय समीकरण के अनुसार वोट बैंक बंट जाता है। इसी कारणवश इस विधानसभा सीट से अब तक कोई हिंदू उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया है। हालांकि इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट पर अपने हिंदू उम्मीदवार कमल बागड़ी को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने हारुन यूसुफ और आम आदमी पार्टी ने इमरान हुसैन को चुनावी मैदान में उतारा, जो मंझे हुए खिलाड़ी हैं। ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि इस सीट पर एक बार फिर आम आदमी पार्टी जीत हासिल करेगी या कांग्रेस प्रत्याशी हारुन यूसुफ एक बार फिर वापसी करेगी या फिर परिणाम इन दोनों से परे होकर भाजपा पहली बार जीत हासिल करेगी।
ये भी पढ़ें: केजरीवाल के जहर वाले बयान पर पीएम मोदी का पलटवार, बोले- आप'दा की लुटिया यमुना में ही डूबेगी
