Saurabh Bharadwaj: आम आदमी पार्टी के दिल्ली के प्रदेश के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज मीडिया के सामने अपनी अर्थी लेकर पहुंचे। उनका आरोप है कि पालम हादसे में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचने पर पार्टी के नेताओं के साथ बदसलूकी की गई। इस दौरान सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मैंने पार्टी ऑफिस में ही अपनी अर्थी मंगा ली है। आप' नेता ने भारतीय जनता पार्टी पर पालम अग्निकांड को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। सौरभ भारद्वाज इस मामले को लेकर शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसी दौरान वह मीडिया के सामने अपनी अर्थी लेकर पहुंचे।
नरेंद्र मोदी और अमित शाह की गुंडागर्दी के ख़िलाफ़ दिल्ली प्रदेश संयोजक @Saurabh_MLAgk जी ने कफ़न ख़रीदकर अपने सिर पर बाँधा—
— AAP (@AamAadmiParty) March 20, 2026
“कल बीजेपी की गुंडागर्दी के बाद भी अरविंद केजरीवाल जी शेर की तरह शोक सभा में गए।
हमने सिर पर कफ़न बाँध लिया है। हम बीजेपी के गुंडों से नहीं डरने वाले… pic.twitter.com/YWxEkw6A0f
मीडिया से बात करते हुए सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि कल बीजेपी ने अपनी पूरी कोशिश कर ली थी कि हम लोग शोक सभा में न बैठें। उन्होंने कहा कि यह लोग चाहते कि इस पर चर्चा न हो कि इस अग्निकांड में 9 लोगों की मौत कैसे हुई है। सौरभ ने कहा कि हम पर कुर्सियां फेंक कर मारी गईं और इस दौरान एक कुर्सी हमारी पार्टी के पूर्व विधायक विनय मिश्रा के आकर लगी। पार्टी की महिला पार्षद की छाती पर पुलिस के लोगों ने कोहनी और हाथ मारे। AAP नेता ने कहा कि बीजेपी की इतनी गुंडागर्दी के बाद भी हमारे नेता अरविंद केजरीवाल शेर की तरह शोक सभा में पहुंचे थे। उन्होंने आगे कहा कि हम लोगों ने अपने सिर पर कफन बांध लिया और हम लोग बीजेपी के गुंडों से नहीं डरने वाले।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज पालम अग्निकांड की वह खबर भी मीडिया के अखबारों में छपी जिसे बीजेपी की दिल्ली सरकार और पुलिस दबाने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते फायर ब्रिगेड की सीढ़ियां खुल जाती तो लोगों की जान बच सकती थी। पास में एक गद्दों की दुकान थी और फायर ब्रिगेड ने गद्दे बिछाने ही नहीं दिए।
इसके अलावा फायर ब्रिगेड की तीसरी गाड़ी की हाइड्रोलिक सीढ़ी भी काम नहीं कर सकीं और इस वजह से 9 लोगों की जान चली गई। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार लोगों की जान बचाना चाहती तो लोगों को गद्दे बिछाने देती और लोगों की जान बच सकती थी। लेकिन सरकार ने लोगों की नहीं बल्कि अपनी जान बचाई। सरकार के फायर ब्रिगेड ने काम नहीं किया इस बदनामी के डर से बीजेपी सरकार ने 9 लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया।










