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कांकेर- कहते है न कि यदि लगन और मेहनत से कोई भी कार्य किया जाए तो सफलता जरुर मिलती है। ऐसा ही कुछ कांकेर ब्लॉक के 106 में रहने वाली महिलाओं और बालिकाओं ने किया है। प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन एक समाज सेवी संस्था है। जिसमें एक प्रोग्राम संचालित किया जाता है। इस प्रोग्राम के जरिए जिन महिलाओं की किसी वजह से पढ़ाई छूट गई है, उन्हें फिर से पढ़ाई करने और ओपन बोर्ड से परीक्षा देने का मौका दिया जाता है। इसी संस्था से जुड़कर महिलाओं और बालिकाओं ने 10वीं की परीक्षा ओपन बोर्ड से पास की है। 

आत्मनिर्भर बनाने के लिए किया जा रहा कार्य 

पढाई छोड़ चुकी बालिकाओं और महिलाओं को शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्हें ओपन बोर्ड के कक्षा दसवीं के पाठ्यक्रम की तैयारी करावा कर ओपन बोर्ड की परीक्षा में सम्मिलित किया जाता है।  इसके लिए कांकेर ब्लाक में 12 क्लस्टर सेंटर संचालित थे। (कन्हारपुरी, धनेलीकन्हार , पोटगांव, मुरडोंगरी, नंदनमारा, बागोडार, पटौद, बेवरती, पूसवाड़ा, पूसावंड, व्यासकोंगेरा, फ़रसीपारा) और हर क्लस्टर में 20 से 25 विद्यार्थी पढ़ने आते थे। उनको क्लस्टर में कक्षा 10वीं ओपन बोर्ड की तैयारी करवायी जाती थी और साथ ही उन्हें जीवन कौशल, हेल्थ और हाइजीनकी शिक्षा भी दी जाती थी। 

महिलाओं का परीक्षा परिणाम काफी अच्छा आया 

दसवीं के बाद आगे क्या कर सकते है। इसकी तैयारी भी करवायी जाती है। बीते दिनों कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम आया है। जिसमें अधिकांश महिलाओं ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। क्लस्टर सेंटर व्यासकोंगेरा की छात्रा अनिता पोटाई जिनकी उम्र 50 साल की है और विगत 32 साल से पढाई छोड़ घर गृहस्थी संभालने लगी और अब उनको दोबारा मौका मिला है तो वह 52% अंको द्वितीय श्रेणी पास हुई और उन्होंने साबित कर दिया कि पढने की कोई उम्र नही होती यदि अच्छी लगन से मेहनत की जाए तो सफलता जरुर मिलती है।  इसी प्रकार सेकंड चांस प्रोग्राम में पढाई कर रही 106 महिलाओं एवं बालिकाओं ने परीक्षा पास की है।  इस प्रकार सभी 147 बालिकाओं और महिलाएं जो सेकंड चांस कक्षा में सम्मिलित हुई उनमें से 106 छात्राएं सफल हुई और प्रतिशत में देखे तो 72% विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। 

कोऑर्डिनेटर ने स्टूडेंट्स को दिखाई नई दिशा 

परीक्षा परिणाम आते ही सभी विद्यार्थी और उनके पालक बहुत खुश हुए और सभी ने अब आगे पढाई नहीं छोड़ने का निर्णय लिया है।  इसी दौरान सेकंड चांस प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर श्री नूरयासीन खान जी ने स्टूडेंट् को संबोधित करते हुए कहा कि, 'नारी शक्ति जब शिक्षित होंगी, तभी घर परिवार और समाज एक अच्छी दिशा में आगे बढ़ेगा' …इसी कड़ी में प्रथम छत्तीसगढ़ के राज्य समन्वयक श्री गौरव शर्मा जी ने सभी स्टूडेंट्स को आगे निरंतर पढाई करने के लिए प्रेरित किया और इस सफलता के लिए स्टूडेंट्स को बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी।  इसकी जानकारी कांकेर के टीम लीडर भारती यादव ने दी है।